
विवेक बाफना, नईदुनिया, रतलाम : रतलाम की पहचान अब सिंगापुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले में मध्य प्रदेश की मेहमाननवाजी का हिस्सा बनी है। आईटीबी एशिया 2026 में मध्य प्रदेश पवेलियन पर विदेशी मेहमानों को रतलामी सेंव का स्वाद चखाया जा रहा है।
प्रदेश के स्थानीय स्वादों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों तक पहुंचाने की इस पहल में रतलामी सेंव के साथ मुरैना की प्रसिद्ध गजक भी परोसी जा रही है। दोनों उत्पादों को उनके भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग से जुड़ी पहचान के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
रतलामी सेंव केवल एक लोकप्रिय नमकीन नहीं, बल्कि रतलाम की विशिष्ट खाद्य पहचान है। भारत के जीआइ रजिस्टर के अनुसार रतलामी सेंव का पंजीकरण 27 मार्च 2015 को हुआ था। सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे परोसने से रतलाम की खाद्य परंपरा को विदेशी प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।
सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स स्थित सैंड्स एक्सपो एंड कन्वेंशन सेंटर में 21 से 23 अक्टूबर तक आयोजित आइटीबी एशिया में मध्य प्रदेश पवेलियन को राज्य की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, वन्यजीव, आध्यात्मिक पर्यटन, वेलनेस और सतत पर्यटन की थीम पर तैयार किया गया है। भारत की उच्चायुक्त डा. शिल्पक अंबुले ने 21 अक्टूबर को इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डा. इलैयाराजा टी. सहित पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पवेलियन में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक के जरिए विदेशी आगंतुक मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का आभासी अनुभव ले रहे हैं। स्थानीय खानपान, आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत कर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सामने विविध अनुभवों वाले गंतव्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मेले के दौरान मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की टीम सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के टूर आपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और निवेशकों के साथ कारोबारी बैठकें भी कर रही है। उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा पैकेजों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शामिल कराना और निवेश की संभावनाएं बढ़ाना है। रतलामी सेंव की मौजूदगी इस प्रयास में स्थानीय उत्पादों की पहचान को पर्यटन प्रचार से जोड़ने का एक उदाहरण है। हालांकि इससे नए निर्यात आदेश या कारोबारी समझौते होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जीआई टैग
वरिष्ठ नमकीन व्यवसायी शैलेंद्र गांधी के अनुसार रतलाम में प्रतिदिन चार से पांच क्विंटल सेंव-नमकीन का निर्माण होता है। शहर में 500 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें हैं। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से पांच से छह हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। रतलामी सेंव देश के हर कोने के साथ विदेशों में भी पहुंचाई जा रही है। हालांकि अभी रतलामी सेंव को जीआइ टैग का विशेष लाभ नहीं मिला है। कई लोग अन्य स्थानों पर सेंव-नमकीन का निर्माण कर रतलाम के नाम से विक्रय कर रहे हैं।
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