
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जिले के रावटी में रविवार दोपहर स्टेशन रोड स्थित एक मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हंगामा हो गया। हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने यहां इलाज के बहाने आदिवासी महिलाओं और बच्चों का मतांतरण कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस को मकान के एक कमरे में आदिवासी महिलाएं और बच्चे बैठे मिले। पुलिस ने कमरे की तलाशी लेकर तीन बाइबिल, एक पेन ड्राइव, कुछ आईडी कार्ड और प्रार्थना सभा से जुड़ी सामग्री बरामद की। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। हालांकि, थाना प्रभारी के अनुसार शुरुआती जांच में मतांतरण कराए जाने के कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हिंदू जागरण मंच के रावटी खंड संयोजक रितेश जाट और सहसंयोजक शिवा रायकवार को स्टेशन रोड स्थित मकान में इलाज के बहाने मतांतरण कराए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पदाधिकारियों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में एक महिला कुर्सी पर बैठी थी, जबकि अन्य आदिवासी महिलाएं और छोटे बच्चे जमीन पर बैठे हुए थे।
मौके पर पहुंची महिला पुलिसकर्मी ने महिलाओं से पूछा कि वे यहां कब से आ रही हैं और क्या गतिविधियां कर रही हैं। इस पर एक महिला ने बताया कि वे यहां प्रार्थना सभा कर रही हैं। उसने कहा कि डॉक्टर इलाज के लिए काफी पैसे लेते हैं, लेकिन बीमारी ठीक नहीं होती। यहां प्रार्थना करने से लोग ठीक हो जाते हैं। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो वहां से तीन बाइबिल, एक पेन ड्राइव, कुछ आईडी कार्ड और प्रार्थना सभा से जुड़ी सामग्री मिली। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस की ओर से वीडियो बनाए जाने पर कमरे में कुर्सी पर बैठी महिला ने आपत्ति जताई।
जिस मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, वह रावटी के भूरिया नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। रावटी थाना प्रभारी मनीष डाबर ने बताया कि शुरुआती जांच में मतांतरण से जुड़े कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। जांच में पता चला है कि यहां आने वाले लोग काफी समय से प्रार्थना सभा में शामिल हो रहे हैं। इनमें कोई नया व्यक्ति नहीं है। फिलहाल ग्रामीणों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच में मतांतरण से जुड़े तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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