
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। बहुचर्चित ठगी मामलों में सामने आई सपना ठाकुर के खिलाफ इंदौर जिले के पीथमपुर सागौर निवासी इमरान खान की शिकायत ने एक और कड़ी जोड़ दी है। इमरान का आरोप है कि 30 मई को इंदौर के चोइथराम अस्पताल में मुलाकात के दौरान सपना ने खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताया था।
उस समय उसका घायल भाई सलमान अस्पताल में भर्ती था। सपना ने सलमान से जुड़े मामले में ठोस पुलिस कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इसके बाद 18 जून को बिलपांक टोल के पास इमरान ने उसे 4.50 लाख रुपये दिए थे। इमरान के पास सपना से हुई बातचीत की कॉल रिकार्डिंग और वॉट्सएप संदेश हैं। इमरान गुरुवार को बिलपांक थाने पहुंचे और शिकायत की।
इमरान ने बताया कि 30 मई को मस्जिद के सफाईकर्मी नौशाद को काम से हटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। वारदात वाले दिन जामा मस्जिद के सदर शमशुद्दीन नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी आरोपितों ने उन्हें घेर लिया। इस घटनाक्रम में सलमान घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी दौरान सपना अपनी बेटी के इलाज के लिए वहां आई थी।
सपना ने खुद को रतलाम-मंदसौर में नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताते हुए कहा कि पुलिस और न्यायालय में मजिस्ट्रेट व बाबू से उसके संपर्क हैं। सलमान के मामले में कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। पहले पांच लाख रुपये की बात हुई थी। बाद में सपना ने बताया कि बाबू से बात हो गई है और साढ़े चार लाख रुपये में काम हो जाएगा।
18 जून को बिलपांक टोल के पास उसने सपना को 4.50 लाख रुपये दिए। रकम देने के बाद सपना ने फोन उठाना बंद कर दिया। इमरान के अनुसार कभी पोस्टिंग बदलने तो कभी बच्चे के आपरेशन का हवाला देकर बात टालती रही। इसके बाद वह बिलपांक थाने पहुंचा और मामले से जुड़े साक्ष्य देने की बात कही। इमरान ने सपना को वॉट्सएप पर भी संदेश भेजा था कि साढ़े चार लाख रुपये देने के बावजूद काम नहीं हुआ।
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मालूम हो कि इससे पहले सपना ने प्रापर्टी कारोबारी रुपेश चपरोत को भी नारकोटिक्स टीआई बनकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया था। इस केस के सामने आने के बाद सपना के खिलाफ रोज एक नई शिकायत सामने आ रही है। अब तक करीब छह शिकायतें अलग-अलग जिलों से आ चुकी है। पुलिस सभी मामलों की कड़ियां जोड़ रही है और इसके पीछे संगठित गिरोह होने की संभावनाओं पर भी जांच कर रही है।
सबूतों के साथ शिकायत करने को कहा गया है
इमरान शिकायत लेकर थाने आए थे। साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत के लिए कहा गया है। मामले को जांच में लेकर कार्रवाई की जाएगी। - अय्यूब खान, थाना प्रभारी बिलपांक।