
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। प्रापर्टी कारोबारी रुपेश चपरोत से 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये हड़पने और प्लाट व तेजानगर स्थित मकान अपने नाम करवाने के मामले में गिरफ्तार सपना ठाकुर का पुलिस रिमांड न्यायालय ने एक दिन और बढ़ा दिया है।
इसी बीच आरोपी के खिलाफ देर रात जावरा में भी नौकरी लगवाने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपये लेने और बाद में धमकाने की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है। जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाने में रोहित पुत्र कैलाश मालवीय निवासी बरगढ़ की शिकायत पर सपना के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
रोहित ने पुलिस को बताया कि वह बीकॉम की पढ़ाई कर चुका है और जावरा के पारस ज्वेलर्स में सेल्समैन है। सितंबर 2024 में दुकान पर ग्राहक के रूप में आई सपना ठाकुर से उसकी बातचीत हुई थी। सपना ने उसे अपनी पहचान और पहुंच बताते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। रोहित ने पत्नी के लिए भी नौकरी की बात कही तो उसने मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने की बात कही।
रोहित के अनुसार 9 अक्टूबर 2024 को सपना के कहने पर उसने पहले 23 हजार, 10 हजार और पांच हजार रुपये सहित कुल 38 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से दिए। इसके बाद 13 जून 2025 तक नौकरी लगवाने और अन्य कारण बताकर उससे ऑनलाइन कुल 2 लाख 70 हजार रुपये लिए गए। सुरक्षा के नाम पर 19 नवंबर 2024 को रोहित ने अपना और पत्नी के बैंक खातों के चार खाली चेक भी दिए।
नौकरी नहीं लगने पर उसने रकम वापस मांगी तो सपना ने प्रक्रिया चलने की बात कही। 15 जनवरी 2026 को रकम वापस करने के नाम पर मोबाइल पर आया ओटीपी भी उससे लिया गया। इसके बाद वाट्सएप पर ई-स्टांप की प्रति भेजी गई। रोहित के अनुसार रकम मांगने पर सपना ने उसे धमकाया और झूठे केस में फंसाने की बात कही। समाचार के माध्यम से सपना की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उसने पुलिस को शिकायत की।
रतलाम में दर्ज मामले में पुलिस रुपेश चपरोत और सपना के बीच हुए करोड़ों रुपये के लेन-देन, संपत्ति की खरीद और पुराने प्रकरणों से जुड़े बिंदुओं की जांच कर रही है। चपरोत ने सपना पर कुल 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये लेने का आरोप लगाया है। इसमें नकद रकम, आरटीजीएस, प्लाट और मकान से संबंधित लेन-देन शामिल हैं।
चपरोत ने पुलिस को बताया था कि विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर उसने 11 लाख रुपये दिए थे। रकम वापस दिलाने में मदद के भरोसे पर सपना उसके संपर्क में आई थी। दिसंबर 2025 में सपना ने खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताते हुए चपरोत से संपर्क किया था। उसने विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति भी वाट्सएप पर भेजी और मकान व फ्लैट की कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई करवाकर रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया था।
पुलिस के अनुसार सपना पति से अलग रह रही है और 12वीं तक पढ़ी है। पूछताछ में उसने तुलसी विहार में दो प्लाट होने और दोनों पर मकान निर्माण चलने की जानकारी दी है। उसने साड़ी की दुकान संचालित करने तथा तीतरी के समीप आलनिया फंटा क्षेत्र में करीब 25 बीघा कृषि भूमि होने की बात भी बताई है। पुलिस इन संपत्तियों के दस्तावेज, स्वामित्व और इन्हें खरीदने के लिए रकम के स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस हनीट्रैप के एंगल से भी जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार सपना के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र थाने में पहले से दो प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2021 में मंदसौर के एक युवक से मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस लगाने के नाम पर चार से पांच लाख रुपये लेने का मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2024 में रतलाम के एक बैंककर्मी को मंदसौर में पेट्रोल पंप खुलवाने का झांसा देकर करीब 15 लाख रुपये लेने का प्रकरण दर्ज हुआ। दोनों मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अन्य मामलों में सेटलमेंट किए जाने की जानकारी भी पुलिस की जांच में सामने आई है।
न्यायालय में पेशी के दौरान सपना ठाकुर ने मीडिया के सामने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उसने कहा कि तेजानगर स्थित मकान उसने 1 करोड़ 30 लाख रुपये में खरीदा है और उसकी बाकायदा रजिस्ट्री हुई है। उसके अनुसार 20 लाख रुपये आरटीजीएस और 1 करोड़ 10 लाख रुपये नकद दिए गए थे। सपना ने खुद को जबरन फंसाए जाने की बात कही।
उसने यह भी दावा किया कि उपलब्ध रिकार्डिंग में चपरोत की ओर से मकान खाली करने की बात कही जा रही है। सपना ने चपरोत के जीजा कमल मल्लारा पर मकान का कब्जा वापस करने के लिए जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।