
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम डोंगरे नगर स्थित बोधि इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को आठवीं कक्षा के छात्र के तीसरी मंजिल से कूदने की घटना को लेकर आदिवासी छात्र संगठनों और स्वजन ने शनिवार को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल डाली चौहान और संबंधित शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने व स्कूल की मान्यता निरस्त करने की मांग की।
दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन करीब चार घंटे चला। रात करीब आठ बजे प्रिंसिपल के खिलाफ जीवन समाप्त करने की धमकी देने, अपमानित करने व किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।
मालूम हो कि आठवीं के छात्र ने रील बनाकर इंस्टाग्राम पर डाली थी। मोबाइल लाने व रील बनाने को लेकर उसके पिता को शुक्रवार को स्कूल में बुलाया गया। प्रिंसिपल ने छात्र को कक्ष में बुलाया तब छात्र ने कई बार माफी मांगी, लेकिन प्रिंसिपल ने मैडल वापस लेने, स्कूल से निलंबित करने आदि बातें कहीं।
इसी दौरान छात्र ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। गंभीर हालत में उसका निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। शनिवार को स्वजन छात्र को अहमदाबाद के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। छात्र अभी खतरे से बाहर है और उसकी सर्जरी होना है।
शनिवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन में शामिल जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशव निनामा, छात्र की दादी व स्वजन स्कूल गेट के बाहर धरने पर बैठे, बाद में गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। एक बार ताला लगा भी दिया गया, जिसे पुलिस ने खुलवाया। धरना शुरू होने के करीब एक घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर पहुंचीं। सागर ने कहा कि स्कूल सीबीएसई बोर्ड मान्यता प्राप्त है, जिसे तुरंत निरस्त नहीं किया जा सकता।
विभाग ने जांच समिति गठित कर रिपोर्ट संभागीय कार्यालय को भेजे जाने की बात कही। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि प्रिंसिपल व टीचर बच्चे को डरा-डराकर मानसिक दबाव बना रहे थे, जबकि उन्हें शांत तरीके से समझाना चाहिए था।
स्वजनों ने बच्चे के स्केटिंग में मिले मैडल भी सड़क पर रखकर विरोध जताया। छात्र की दादी ने कहा कि बच्चा कई मैडल लेकर आया, लेकिन स्कूल ने कभी प्रशंसा नहीं की। बच्चे को लगातार टार्चर किया गया, जिससे वह तनाव में था।
छात्र के पिता ने बताया कि जब उन्होनें बेटे से पूछा कि मुझे देखकर यह कदम उठाया है, तो छात्र ने मना किया और बताया कि मैंने आपको जब मुझे उठा कर अस्पताल ले जा रहे थे तब देखा था। छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने इतनी बार सारी बोलने के बाद भी उसे माफ नहीं किया। छात्र का मोबाइल उसके घर पर ही है, जिसे पुलिस ने जब्त नहीं किया है। पिता ने बताया कि मुझे स्कूल बुलाकर इंतजार करने के लिए कहा, तब बेटा प्रिंसिपल के चेंबर में ही था। अगर दो मिनट पहले मुझे बुला लेते और मेरे सामने उससे बात करते तो यह घटना नहीं होती।
छात्र के पिता का कहना है कि स्केटिंग की प्रेक्टिस के लिए सुबह पांच बजे में ही उसे लेकर जाता था। वह चार बार नेशनल खेल कर आया है। अपने खेल के लिए इतना सजग था कि वह खुद मुझे सुबह जगाता और हम साथ प्रेक्टिस के लिए जाते। उसे नेशनल खेलने जाना था। प्रिंसिपल ने उसे स्कूल से निकालने, मेडल छीन लेने और नेशनल नहीं खेलने जाने की धमकी दी, जिससे वह घबरा गया। मोबाइल वह अनुमति लेकर ही चलाता था। एक दिन पहले उसने स्कूल लेट हो जाने से दोस्त के घर रुक कर बंक किया था। प्रिंसिपल ने मेरे बेटे को टार्चर किया, जिससे उसने यह कदम उठाया।
यह भी पढ़ें : स्कूल में इंस्टाग्राम रील बनाई, प्रबंधन ने पिता को बुलाया तो तीसरी मंजिल से कूदा छात्र
पुलिस व प्रशासन को वैधानिक कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से पत्र दे दिया है। जांच समिति गठित कर दी गई है। स्कूल की मान्यता निरस्त करने के अधिकार सीबीएसई बोर्ड को की है। - अनिता सागर, जिला शिक्षा अधिकारी
शुक्रवार रात पुलिस ने बच्चे के बयान दर्ज किए थे, जिनमें उसने प्रिंसिपल व टीचर द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने की बात कही है। मामले में प्रकरण दर्ज किया है। - सत्येंद्र घनघोरिया, सीएसपी
पुलिस व प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। प्रशासन के निर्देश अनुसार कार्रवाई करेंगे, जिससे जांच प्रभावित नहीं हो सके। - राजेंद्र पितलिया, स्कूल संचालक