
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। फेसबुक पोस्ट को लेकर शनिवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा समर्थकों के साथ रावटी थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने थाना परिसर में टेबल लगाकर पुलिसकर्मियों को तलब किया और पोस्ट के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर जमकर नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को फटकार लगाते हुए थाना प्रभारी को मौके पर बुलाने के लिए कहा।
उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा, 'नहीं तो सिखा दूंगा टीआइ, पूरे थाने को।' बाद में थाना प्रभारी के नहीं पहुंचने पर केशु निनामा समर्थकों के साथ थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। तीन दिन में जांच और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद रात करीब आठ बजे धरना समाप्त किया गया।
इससे पहले शाम को रावटी थाने पहुंचे केशु निनामा ने थाना प्रभारी मनीष डावर को मोबाइल पर काल किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ये बता दीजिए आप मेरे को, थाने पे आ रहे हैं कि नहीं। आदिवासी को नक्सलाइट कहा गया, टीआइ साहब। कैसी बात कर रहे हो आप? मुझे नहीं पता, आना चाहिए यहां पर। अभी मैं खड़ा हूं, फालतू बात नहीं होगी। होंगे तुम थाना प्रभारी, मैं यहां पूरे जिले का जन प्रतिनिधि हूं।
इसके बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों पर केशु निनामा का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को नक्सलाइट कहा गया है, इसके बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से क्यों नहीं कर रहे हैं।
निनामा ने कहा, आदिवासी को नक्सलाइट कहा है। तुम लोग क्या झक मरा रहे हो क्या अभी तक? क्या कर रहे हो तुम लोग थाने वाले? क्या काम है? ड्यूटी क्या है तुम लोगों की? उन्होंने थाना प्रभारी को बुलाने के लिए कहते हुए कहा, टीआइ साहब का बोलने का तरीका, उसको बोलिए यहां पर आए, केशु आया हुआ है। नहीं तो सिखा दूंगा टीआइ, थाने को।
इसके बाद टेबल पीटते हुए उन्होंने कहा, हम नक्सलाइट हैं क्या यहां पर बैठे हुए? पागल जैसी बात कर रहे हो, तुमने वर्दी पहन रखी है। ये यहां का रावटी का व्यक्ति हमको नक्सलाइट घोषित कर रहा है। बालाघाट में रह रहे हैं हम क्या? विधायक हमारा, जिला पंचायत हमारा! वर्दी पहन रखी तुम लोगों ने? ये थाना है कि तुम्हारा धर्मशाला है ये? बुलाइए आपके थाना क्षेत्र प्रभारी को यहां पर।
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पुलिसकर्मियों को फटकार लगाने के बाद भी केशु निनामा शांत नहीं हुए। थाना प्रभारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर उन्होंने समर्थकों के साथ थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। रात में धरना जारी रखने की तैयारी के तहत खाना बनाने की व्यवस्था भी की जाने लगी। इस दौरान पुलिस की ओर से तीन दिन में मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद रात करीब आठ बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
मामले को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर आदिवासी समाज को नक्सली बताने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां ऐसी स्थिति कभी नहीं रही। आदिवासी समाज सर्वसमाज के साथ मिलकर काम करता है। उन्होंने संबंधित मामले में कार्रवाई के लिए समय दिए जाने की बात कही।
रावटी थाने के एएसआइ एमआइ खान ने बताया कि सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर आवेदन दिया गया है। मामले में तीन दिन के भीतर जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।