
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : नारकोटिक्स अधिकारी बनकर तेजानगर निवासी प्रापर्टी कारोबारी रुपेश चपरोत से 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये हड़पने, प्लॉट और तेजानगर स्थित मकान नाम करवाने के मामले में माणकचौक थाना पुलिस ने महिला सपना ठाकुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
फरियादी रुपेश चपरोत निवासी तेजानगर ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान 10 से 15 दिसंबर के बीच उसके मोबाइल पर दो नंबरों से फोन आया।
फोन करने वाली महिला ने खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताते हुए अपना नाम सपना ठाकुर बताया। महिला के कहने पर विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी उसके मोबाइल नंबर पर वाट्सएप से भेज दी। इसके बाद महिला लगातार संपर्क में रही और विजय लोढ़ा के मकान व फ्लैट की कुर्की सहित अन्य कानूनी कार्रवाई कर रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायत के मुताबिक इसी भरोसे पर महिला ने मकान और फ्लैट से संबंधित कार्रवाई के नाम पर करीब 70 लाख रुपये नकद लिए। फरियादी के जीजा कमल मल्लारा को भी उनके मुंबई के मामले में मदद का भरोसा देकर 15 लाख रुपये ले लिए। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपये का उधारीनामा भी लिखवाया गया और बाद में 22 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उसके खाते में ट्रांसफर करवाए गए। स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य खर्च बताकर 15 लाख रुपये और लेने की बात शिकायत में कही गई है।
फरियादी ने बताया कि विजय लोढ़ा वाले केस में उसे कोर्ट के सामने उधारीदार दिखाने के लिए प्रमाण की जरूरत बताकर सपना ठाकुर ने तुलसी विहार कालोनी स्थित उसका 13 बाय 55 फीट का एलआइजी-06 प्लाट अपने नाम करवा लिया। इसके बदले जल्द ही प्लाट वापस करने का भरोसा दिया गया। इसके बाद नामली रोड क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू करने और उसमें निवेश करने का झांसा देकर केसीसी लोन भरने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये लिए।
शिकायत के अनुसार बेटी मुस्कान की शादी के लिए जमा किए करीब 105 ग्राम सोने के जेवर भी फरियादी से ले लिए गए। इसके बाद विजय लोढ़ा प्रकरण में उसे दिवालिया दिखाने और हाईकोर्ट में केस मजबूत करने की बात कहते हुए तेजानगर स्थित मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली गई।
बेचाननामा में मकान की कीमत 32 लाख 93 हजार रुपये दर्शाई गई और बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये दिए गए। फरियादी का आरोप है कि रजिस्ट्री के अगले दिन महिला के कहने पर उसने अपने बैंक खातों से यह 20 लाख रुपये नकद निकालकर उसे वापस दे दिए। महिला ने दस दिन में मकान की रजिस्ट्री फिर उसके नाम कराने का भरोसा दिया था।
शिकायत में बताया गया कि महिला ने रुपेश से एक वीडियो बनवाया, जिसमें उससे कहलवाया गया कि उसने तेजानगर का मकान एक करोड़ 30 लाख रुपये में बेच दिया है और मकान पर कोई लोन या उधारी नहीं है तथा भाई-बहनों को भी बिक्री पर आपत्ति नहीं है। वीडियो महिला ने स्वयं बनाया और बाद में मकान का नामांतरण भी अपने नाम करवा लिया।
इसके बाद महिला ने उसके मकान पर ताले लगवा दिए और यह कहकर मकान खाली करवाया कि हाईकोर्ट की टीम सर्वे के लिए आएगी। 15 दिन बाद वापस मकान में आने की बात कहे जाने पर फरियादी अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चला गया।
इसके बाद भी महिला द्वारा लगातार रुपये मांगे जाने और रुपये देने से इनकार करने पर धमकियां देने का आरोप है। शिकायत के अनुसार उसने फरियादी और उसकी बेटी को एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। यह भी कहा कि वह एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है और एनकाउंटर कर देगी। बेटी मुस्कान का रिश्ता तुड़वाने की धमकी देने तथा रुपये नहीं देने पर जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
फरियादी ने पुलिस को बताया कि महिला ने उसका मोबाइल भी फार्मेट करवा दिया, ताकि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं बच सके। महिला द्वारा फरियादी के नाम से जीओ और एयरटेल की दो सिम जारी करवाकर अपने पास रखी और कहा कि हाईकोर्ट से संबंधित मैसेज और ओटीपी इन्हीं नंबरों पर आएंगे। फरियादी के अनुसार दोनों सिम के नंबर उसे याद नहीं हैं। 23 सितंबर को मकान और प्लॉट वापस अपने नाम नहीं किए जाने को लेकर बात की तो उसने आगे फोन नहीं लगाने की बात कहते हुए धमकाया।