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मऊगंज में जल जीवन मिशन में 3.85 करोड़ का खेल, ईओडब्लू ने पीएचई के 3 अफसर और ठेकेदार पर FIR

हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे की हकीकत मऊगंज में जमींदोज हो गई। जल जीवन मिशन के नाम पर 3.85 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार सामने आया है।

By Shyam MishraEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 05:44:43 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 05:44:43 PM (IST)
मऊगंज में जल जीवन मिशन में 3.85 करोड़ का खेल, ईओडब्लू ने पीएचई के 3 अफसर और ठेकेदार पर FIR
पाइप लाइन सिर्फ गांव के बाहर तक बिछाई गई, घरों के अंदर कोई कनेक्शन नहीं। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. टंकी टूटी, पाइप गायब; फिर भी पूरा भुगतान
  2. ईओडब्लू के अनुसार मामला नईगढ़ी विकासखंड का है
  3. एक भी घर में नल की टोंटी और फिटिंग नहीं मिली

नईदुनिया न्यूज, मऊगंज। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तीन इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। ईओडब्लू के अनुसार मामला नईगढ़ी विकासखंड का है।

वर्ष 2021-22 में घर-घर नल कनेक्शन का काम स्वीकृत हुआ था

वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत नईगढ़ी ब्लॉक के खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़, शिवराजपुर, जुड़मनिया रघुनाथ सहित कई गांवों में ओवरहेड टंकी, सम्पवेल, पाइप लाइन और घर-घर नल कनेक्शन का काम स्वीकृत हुआ था।

ठेके को पूरा दिखाकर पूरी राशि का भुगतान

विभाग ने सबसे कम 4.26% बिलो दर पर मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का कार्यादेश दिया और ठेके को पूरा दिखाकर पूरी राशि का भुगतान भी कर दिया, लेकिन हकीकत में काम आधा-अधूरा और गुणवत्ताहीन निकला। शिकायत मिलने पर ईओडब्लू और तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

जांच में क्या मिला

खटखरी गांव में - 30 फीट ऊंची नव निर्मित पानी की टंकी पहली बार पानी भरते ही भरभरा कर गिर गई। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी में 8 एमएम के पतले सरिए लगाए गए थे। टंकी के पास सो रहा जेसीबी चालक बाल-बाल बचा। विधानसभा में इस कार्य को कागजों पर पूर्ण बताया गया था।


एक भी घर में नल की टोंटी और फिटिंग नहीं मिली

करह उर्फ खैरागढ़ में -5 मोटर पम्प के स्थान पर मौके पर 1 मोटर मिली। 740 नल कनेक्शन का दावा किया गया, लेकिन एक भी घर में नल की टोंटी और फिटिंग नहीं मिली। कंक्रीट स्टैंड पोस्ट भी नहीं बने। शिवराजपुर और जुड़मनिया में - ओवरहेड टैंक और सम्पवेल अधूरे, मुख्य पाइप लाइन आधी बिछाकर छोड़ दी गई।

आज तक किसी भी गांव में जल प्रदाय शुरू नहीं हो सका

अन्य गांवों में - पाइप लाइन सिर्फ गांव के बाहर तक बिछाई गई, घरों के अंदर कोई कनेक्शन नहीं। नतीजा, आज तक किसी भी गांव में जल प्रदाय शुरू नहीं हो सका और पूरी राशि ठेकेदार हड़प गया। जांच में सामने आया कि अधिकारियों ने बिना गुणवत्ता जांच और बिना कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के ही भुगतान कर दिया। यह सीधे तौर पर शासकीय राशि का गबन और आपराधिक षड़यंत्र है।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर

ईओडब्लू ने इस मामले में चार आरोपियों को नामजद किया है

  • जे.पी. द्विवेदी, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, पीएचई मऊगंज
  • संजय पाण्डेय, तत्कालीन सहायक यंत्री
  • ए.पी. तिवारी, तत्कालीन उपयंत्री
  • शिवेन्द्र कुमार तिवारी पिता हीरालाल तिवारी, संचालक मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी, निवासी प्रभाती पुरवा, मनगवां, जिला रीवा।

अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू

इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5) - आपराधिक न्यासभंग, 318(4) - धोखाधड़ी, 61(2) - आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7(सी), 13(1), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

नल-जल योजना पहले से ही विवादों में

गौरतलब है कि मऊगंज जिले में नल-जल योजना पहले से ही विवादों में है। मुख्यमंत्री के समाधान ऑनलाइन में भी गेरुआरी सेगरान पंचायत में फर्जी हैंडओवर और फर्जी हस्ताक्षर का मामला उजागर हुआ था, जिसके बाद प्रदेश की 8 हजार पंचायतों में जांच के आदेश दिए गए थे। अब ईओडब्लू की एफआईआर के बाद पीएचई विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

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