
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिले के बिजली विभाग के मुख्य कनिष्ठ अभियंता कार्यालय में महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज जलाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यालय परिसर में सौभाग्य योजना से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न कार्यों के वर्क ऑर्डर, निलंबन से संबंधित कागजात समेत कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जलाए हैं।
बताया जा रहा है कि बिजली विभाग के संभागीय कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में दस्तावेजों को आग के हवाले किया गया। इनमें विभागीय कार्यों और कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल होने की बात सामने आ रही है। मामले में विभाग के एसी (अधीक्षण अभियंता) की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन दस्तावेजों को किस आदेश और प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। आमतौर पर शासकीय रिकॉर्ड को नष्ट करने से पहले संबंधित दस्तावेजों की पहचान, जांच और रिकॉर्ड की छंटाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
सक्षम अधिकारी की अनुमति और कई मामलों में समिति/टीम के माध्यम से रिकॉर्ड की जांच किए जाने की आवश्यकता होती है। आरोप है कि बिजली विभाग में दस्तावेज जलाने से पहले किसी विधिवत टीम का गठन नहीं किया गया और न ही दस्तावेजों की सूची बनाकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई गई।
जिन दस्तावेजों को जलाए जाने की बात सामने आ रही है, उनमें सौभाग्य योजना के रिकॉर्ड, वर्क ऑर्डर और निलंबन से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर हो सकता है, क्योंकि इन रिकॉर्ड से विभागीय कार्यों, भुगतान, ठेकेदारों और कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुड़ी हो सकती है।
यह सभी रिकॉर्ड सौभाग्य योजना का रफ कापी है। इसलिए हमने जला दिया। इसके लिए किसी से कोई आदेश नहीं दिया है।
बीपी कुशवाहा सेक्शन अधिकारी सौभाग्य योजना
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