
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। रीवा- सीधी रेल लाइन निर्माण के दौरान ममदर गांव के लोगों को रेल मार्ग से आवागमन के लिए व्यवस्था बनाने की बात कर वादे को भूल गए हैं।
रेल लाइन निर्माण हो जाने के बाद गांव के दर्जन भर ज्यादा बस्ती के लोगों का अब रास्ता अवरुद्ध हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणजन रेल की पटरी पार कर मुख्य मार्ग तक पहुंच रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रेल लाइन निर्माण के दौरान रेलवे ने उन स्थानों पर आवागमन की व्यवस्था दी है। जहां पूर्व में पक्की सड़कें निर्मित थीं किंतु जहां आम रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं रहा उस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
रेल लाइन निर्माण के दौरान घोड्डा टोला ममदर गांव के निवासियों को कहा गया था कि उनके आवागमन का ध्यान रखा जाएगा और आने जाने के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
रेल लाइन निर्माण कार्य में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों के आश्वासन पर भरोसा करने वाले ग्रामीणों ने उस दौरान ज्यादा विरोध भी नहीं किया नतीजतन रेल लाइन तो बन कर तैयार हो गई किंतु घोड्डा टोला के निवासियों के आवागमन पर ध्यान नहीं दिया गया।
रेल लाइन निर्माण के बाद ममदर गांव के घोड्डा टोला के दर्जन भर से अधिक परिवारों को वर्तमान में आवागमन के लिए मार्ग ही नहीं बचा है। मोहल्ले में निवास कर रहे बुजुर्ग परेशान हैं तो बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
गांव में सुगम मार्ग का अभाव होने से विकट परेशानी हो रही है। गांव के प्रीतम राज शुक्ला, अभय, अनुपम, शारदा प्रसाद मिश्रा, गिरजा प्रसाद सहित दर्जन भर लोगों ने कलेक्टर को कई बार आवेदन देकर रेलवे से मार्ग देने की अपील की पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
प्रभावित लोगों के पास न तो राजनीतिक पहुंच, पकड़ है और न ही कड़ा विरोध दर्ज कराने का अवसर बचा है। रेल लाइन निर्माण के दौरान विरोध न दर्ज करा पाने के पीछे रेल कर्मचारियों का आश्वासन प्रमुख कारण रहा है। वादाखिलाफी से अब आवागमन की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
बता दें कि रामपुर नैकिन से चुरहट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क से ममदर जाने के लिए प्रधानमंत्री सड़क के अलावा कई और कच्चे मार्ग हैं जिनसे लोगों को सुविधा होती रही है। पक्की सड़क से आने जाने के लिए एक तो बस्तियों से सुगम मार्ग नहीं है दूसरे काफी चक्कर लगाना पड़ता है।
घोड्डा मार्ग दर्जन भर परिवारों के लिए आवागमन का एक मात्र साधन रहा है जो वर्तमान में पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। मजबूरी में लोगों को रेल पटरी पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। वर्तमान में रेल सेवा भी शुरू हो चुकी है आगे जब कई रेल गाड़ियों का आना जाना शुरू हो जाएगा तब रेल पटरी को पार करना खतरे से खाली नहीं होगा।
ममदर गांव के घोड्डा टोला निवासियों ने रेलवे द्वारा मार्ग निर्माण न कराने, आवागमन की सुविधा न देने की शिकायत कई बार कलेक्टर से तो की है, अब क्षेत्रीय सांसद डाॅ. राजेश मिश्रा से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे।
अवधेश शुक्ला ने कहा कि रेल लाइन निर्माण के दौरान भी उन लोगों ने रेल अधिकारियों, कर्मचारियों से सड़क की समस्या से अवगत कराया था किन्तु केवल आश्वासन दिया गया, मार्ग देने पर विचार नहीं किया गया। उन्हें मालूम होता कि रेल कर्मचारी धोखे में रखकर निर्माण कार्य पूरा कर लेंगे और उन्हें समस्या से जूझना पड़ेगा तो उसी समय विरोध दर्ज कराए होते।
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