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सिंगरौली में भूकंप के झटके, 3.5 रही तीव्रता; राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने की पुष्टि

भूकंप की सूचना सामने आने के बाद जिले में लोगों के बीच हलचल रही। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 05:10:54 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 05:10:54 PM (IST)
सिंगरौली में भूकंप के झटके, 3.5 रही तीव्रता; राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने की पुष्टि
ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है और धरती में कंपन महसूस होता है।

HighLights

  1. 10 किमी गहराई में थी हलचल
  2. किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं
  3. एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर

नईदुनिया प्रतिनिधि, सिंगरौली। जिले में शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। NCS के रिकॉर्ड के मुताबिक झटका दोपहर 2 बजकर 12 मिनट 35 सेकंड पर दर्ज हुआ।

फेल्ट इट’ के रूप में भी दर्ज किया गया

NCS के अनुसार भूकंप का केंद्र 24.239 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.502 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसे सिंगरौली, मध्यप्रदेश क्षेत्र में दर्ज किया गया है। NCS के रिकॉर्ड में इस घटना को ‘फेल्ट इट’ के रूप में भी दर्ज किया गया है, यानी क्षेत्र में लोगों द्वारा कंपन महसूस किए जाने की सूचना है।


प्लेटों में हलचल से निकलती है ऊर्जा

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप के दौरान धरती के भीतर मौजूद प्लेटों में हलचल से ऊर्जा निकलती है, जिससे सतह पर कंपन महसूस होता है। भूकंप की तीव्रता और उसका प्रभाव उसके केंद्र की गहराई, दूरी और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

NCS के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज

सिंगरौली में दर्ज 3.5 तीव्रता का यह भूकंप हल्की तीव्रता की श्रेणी में आता है। NCS के आधिकारिक रिकॉर्ड में घटना का समय, स्थान, गहराई और तीव्रता दर्ज की गई है।

आखिर भूकंप क्यों आते हैं?

भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे होने वाली भूगर्भीय हलचलों के कारण आते हैं। पृथ्वी की बाहरी कठोर परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। इससे जमा हुई ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है और धरती में कंपन महसूस होता है।

क्या होता है भूकंप का केंद्र?

भूकंप के दौरान पृथ्वी के भीतर जिस स्थान से ऊर्जा निकलनी शुरू होती है, उसे भूकंप का उद्गम केंद्र यानी फोकस कहा जाता है। इसके ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित जगह को अधिकेंद्र या एपिसेंटर कहते हैं।

जानें क्या है रिक्टर स्केल

भूकंप की तीव्रता बताने के लिए पहले रिक्टर स्केल का व्यापक उपयोग किया जाता था। आज वैज्ञानिक भूकंप का परिमाण मापने के लिए मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल सहित अन्य आधुनिक तरीकों का भी इस्तेमाल करते हैं।

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