
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीधी। यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि सीधी जिले की जमीनी हकीकत है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। हालांकि यह वीडियो ठंड के महीने का दिखाई दे रहा है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि हल्का पटवारी नीलेश नामदेव नाला पार करने के लिए 65 वर्षीय बुजुर्ग ललबा केवट की पीठ पर सवार है। बुजुर्ग के पैर कीचड़ में धंस रहे हैं, कमर झुकी हुई है और पीठ पर जूते पहने पटवारी साहब बैठे हैं। जब एक सरकारी कर्मचारी द्वारा इस तरह का अमानवीय व्यवहार किया जाता है, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
वीडियो सामने आने के बाद माटा गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण रामराज सिंह ने कहा ललबा काका की पीठ पर पटवारी बैठकर जा रहे हैं। यह बेहद अपमानजनक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हल्का पटवारी नीलेश नामदेव का यह पहला मामला नहीं है।
गांव में चर्चा है कि पटवारी द्वारा लंबे समय से ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। शासकीय भूमि का पट्टा दिलाने के नाम पर मोटी रकम की वसूली, शासकीय विद्यालय भवन को खसरे में दर्ज करने, पीएम किसान सम्मान निधि, जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र के प्रतिवेदन देने के एवज में सेवा शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। पैसे लेने के बाद भी काम नहीं किया जाता और विरोध करने पर राजस्व रिकॉर्ड बिगाड़ देने की धमकी दी जाती है।
इस अमानवीय घटना के खिलाफ आखिरकार ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। मंगलवार को ग्राम माटा के रामराज सिंह, राम सिंह, रामबहादुर सिंह, धर्मराज सिंह और जयराम सिंह कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने ने शिकायत दर्ज कराया है। शिकायत के साथ ग्रामीणों ने वायरल वीडियो की फोटोग्राफी भी संलग्न की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विधिवत जांच कराई जाए।
जन सुनवाई में इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सौम्या आनंद जिला पंचायत सीईओ सीधी
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