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नईदुनिया प्रतिनिधि, सिंगरौली। सिंगरौली कलेक्ट्रेट में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां शुक्रवार रात कसार गांव के संतराम साहू का परिवार न्याय की गुहार लगाने कलेक्टर के पास आया था। कड़ाके की ठंड में रातभर जागते हुए फुटपाथ पर गुजारी। शनिवार सुबह कलेक्टर से मुलाकात तो नहीं हुई, लेकिन पुलिस जरूर पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बड़ों को घसीटकर पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया। उन पर बरगवां पुलिस स्टेशन में एफआइआर भी हुई है।
परिवार का कहना है कि गांव के सरपंच ने उनकी गेहूं की फसल उखाड़ने के लिए जेसीबी मशीन भेजी और जमीन पर बिना अनुमति सड़क बनाना शुरू कर दिया। इसी की शिकायत लेकर वे आए थे। महिलाओं और छोटे बच्चों सहित परिवार गांव छोड़कर जिला मुख्यालय पहुंचा। इसका एक वीडियो भी बहुप्रसारित हुआ है जिसमें पुलिस परिवार के एक लड़के को पकड़कर घसीटते हुए ज़बरदस्ती गाड़ी में धकेलते हुए दिखाई दे रही है। परिवार की महिला रोते हुए गुहार लगाते और बच्चे चीखते दिखे, लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखी।
पुलिस का कहना है कि गांव के केशरी लाल साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे वह जगजीवन राम वैश्य के खेत पर सड़क बना रहा था। तभी संतराम साहू, सतीश साहू और सुरेश साहू आए, रास्ता रोका और गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर परिवार के विरुद्ध कार्रवाई की।
संयुक्त कलेक्टर संजीव पांडे ने कहा कि कलेक्टर एक बैठक में थे और इसके तुरंत बाद उनसे मिले। मुझे नहीं पता कि उन्हें पुलिस स्टेशन क्यों ले जाया गया। उनका दावा है कि जांच के लिए परिवार को विवादित ज़मीन पर ले जा रहा था। वहीं सिंगरौली कलेक्टर गौरव बेनल ने कहा कि उन्होंने परिवार से मिलने से इन्कार नहीं किया है। परिवार शुक्रवार को उनसे मिल चुका था। जिस ज़मीन पर वे दावा कर रहे थे, उस पर उनका गैर-कानूनी कब्ज़ा था। परिवार ने सरपंच के साथ झगड़े के दौरान गाली-गलौज की थी और उसी आधार पर एफआइआर दर्ज हुई थी और पुलिस उन्हें ले गई।
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