
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। मार्च में जिन व्यापारियों के लाइसेंस का रिन्यूअल किया गया था, उन्हें अप्रैल में अचानक निरस्त किए जाने के बाद से बाजार में भारी असमंजस और संकट की स्थिति बनी हुई है।
अपनी रोजी-रोटी और लाखों रुपये के फंसे निवेश को बचाने के लिए रीवा के थोक पटाखा व्यापारी लगातार दूसरे दिन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने लाइसेंस बहाल करने की गुहार लगाई।
व्यापारियों का कहना है कि सीजन की तैयारी के लिए उन्होंने महीनों पहले ही फुटकर विक्रेताओं से लाखों रुपये का एडवांस ले रखा था। थोक व्यापारियों ने यह रकम आगे भेजकर माल बुक करा लिया था।
अब स्थिति यह है कि लाइसेंस निरस्त होने के चलते थोक व्यापारी न तो माल की डिलीवरी दे पा रहे हैं और न ही फुटकर विक्रेताओं का पैसा वापस कर पा रहे हैं।
फिलहाल त्योहार बेहद नजदीक होने के कारण फुटकर विक्रेता लगातार थोक कारोबारियों पर माल देने या पैसे लौटाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे बाजार में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है।
बता दें कि एक दिन पूर्व ही थोक और फुटकर विक्रेताओं ने एकजुट होकर रीवा कलेक्ट्रेट में अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों को सुनाई थीं।
उम्मीद थी कि प्रशासन इस पर कोई बीच का रास्ता निकालेगा, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब कोई अमल नहीं हुआ, तो आज एक बार फिर भारी संख्या में थोक पटाखा व्यापारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उनके लाइसेंस नियमों के दायरे में होने के बावजूद गलत तरीके से कैंसिल किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन को लिखित जवाब में यह भी भरोसा दिया था कि वे सुरक्षा के सभी कड़े मानकों और नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, फिर भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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