
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिले के मझौली थाना क्षेत्र के शिवपुरवा गांव में खाना खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को एक साथ उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी।
हालत बिगड़ने पर देर रात 108 एंबुलेंस की मदद से सभी को जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इसे प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। दो मासूम बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है।
पीड़ित गोविंद बंसल 52 बर्ष ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे परिवार ने एक साथ भोजन किया था। खाने में लौकी की सब्जी, कोदई और मांस बना था। भोजन करने के करीब एक घंटे बाद ही परिवार के सदस्यों को बेचैनी, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते सभी की हालत बिगड़ने लगी। परिवार में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों की मदद से एंबुलेंस को सूचना दी गई।
108 एंबुलेंस के ड्राइवर जितेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि रात करीब 2 बजे शिवपुरवा से सूचना मिली थी कि एक ही परिवार के कई लोग बीमार हो गए हैं। सूचना मिलते ही दो एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं और सभी मरीजों को जिला अस्पताल सीधी लाया गया।
रात में ही डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। बीमार होने वालों में गोविंद बंसल 52, सुमित बंसल 50, राम बंसल और श्रेदे बंसल 2 साल की अन्मिका बंसल शामिल हैं। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार बरसात के बाद रखी हुई कोदई में कई बार फफूंद लग जाती है, जिससे उसमें विषाक्त तत्व पैदा हो जाते हैं। इसे खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। वास्तविक कारण की पुष्टि खाने के नमूने और मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों को एंटी-बायोटिक और ड्रिप दी जा रही है। दो बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कोदई की फसल पुरानी रखी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जाकर खाने के नमूने ले सकती है और लोगों को पुराने अनाज को खाने से पहले सावधानी बरतने की समझाइश देगी।
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