
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। जिले की सिविल लाइन जैसी हाई सिक्योरिटी और पॉश कॉलोनी में हुए सनसनीखेज चंदन चोरी कांड का खुलासा आखिरकार रीवा पुलिस ने कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी और नगर पुलिस अधीक्षक आलोक वर्मा के सतत मार्गदर्शन में थाना अमहिया पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चंदन चोर गिरोह को धर दबोचा है।
पुलिस ने इस कार्रवाई में 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी गया 57 किलो कीमती चंदन बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण कुछ इस प्रकार है कि दिनांक 17.09.2026 को सिविल लाइन कॉलोनी अंतर्गत रहने वाले एक प्रतिष्ठित फरियादी ने थाना अमहिया में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
फरियादी ने बताया था कि उसके बंगले के सामने परिसर में लगे बेशकीमती चंदन के पेड़ों को अज्ञात चोरों ने बड़ी ही सफाई से आरी से काट लिया और रातों-रात चोरी कर ले गए। सुबह जब माली ने देखा तो परिसर में केवल पेड़ों के ठूंठ बचे थे।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमहिया में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। चूंकि मामला पॉश इलाके का था और चंदन जैसी कीमती लकड़ी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष टीम के गठन के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी अमहिया के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और साथ ही साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला।
सी दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली कि मंडला और दमोह जिले के पारदी गैंग के कुछ सदस्य रीवा शहर में देखे गए हैं और वे चंदन की लकड़ी को बेचने की फिराक में घूम रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और संदेह के आधार पर 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ही सिविल लाइन में चंदन के पेड़ों की चोरी की थी।आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई 57 किलो चंदन की लकड़ी बरामद कर ली है। आरी, चाकू, कुल्हाड़ी आदि भी जब्त किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात के अंधेरे में पहले रेकी करते हैं, चंदन के पेड़ों की पहचान करते हैं और फिर मौका देखकर उन्हें काटकर ले जाते हैं। इस लकड़ी को वे नागपुर और अन्य बड़े महानगरों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
जशरथ पारदी पिता रतनलाल पारदी उम्र 35 वर्ष निवासी देवरी जिला मंडला,तलकर आदिवासी पिता मुकेश आदिवासी उम्र 35 वर्ष निवासी देवरी जिला मंडला, मंगरू पावर पिता पंसारी पावर उम्र 22 वर्ष निवासी सागौनी जिला दमोह एवं स्वागत आदिवासी पिता पारस आदिवासी उम्र 20 वर्ष निवासी देवरी जिला मंडला प्रमुख रूप से शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय है और इनके खिलाफ मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी चंदन चोरी के मामले दर्ज हो सकते हैं। पुलिस अब इनसे अन्य वारदातों के बारे में भी गहन पूछताछ कर रही है। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- जबलपुर में ऑफिस के लिए घर से निकली युवती तिलवारा पहुंची, पुराने पुल से नर्मदा में लगाई छलांग