
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिला कलेक्ट्रेट परिसर गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ने जनजाति कार्य विभाग के कार्यालय में छापा मारकर एक कर्मचारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई शाम करीब साढ़े 6 बजे की गई। पकड़े गए कर्मचारी का नाम संजय सिंह है। आरोप है कि उसने रसोइया के पद से हटे अशोक योगी से नौकरी पर दोबारा रखने और तीन साल के बकाया वेतन के भुगतान के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें से 10 हजार रुपये पहले ही ले चुका था।
लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार गुरुवार शाम अशोक योगी 40 हजार रुपये लेकर जनजाति कार्य विभाग के कार्यालय पहुंचा और संजय सिंह को रुपये दिए।
बताया जा रहा है कि अशोक योगी पहले विभाग में रसोइया के पद पर कार्यरत था, लेकिन पिछले तीन साल से उसे काम पर नहीं रखा गया था। वह लगातार अपनी वापसी और वेतन भुगतान के लिए चक्कर काट रहा था।
लोकायुक्त निरीक्षक नरेश बेहरा ने बताया कि कार्यालय अधीक्षिका सुनीता पांडे की भूमिका भी संदिग्ध है। उसकी संलिप्तता को लेकर जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
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