
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। धनतेरस पर्व पर जिले के चार गांवों के ग्रामीणों को उनकी आवासीय जमीन का पक्का हक मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के तहत विशेष अभियान चलाकर इन गांवों में शत-प्रतिशत पंजीयन की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के लिए जिले के चार ग्रामों का चयन किया गया है। इसमें ग्राम अकौरी तहसील रामपुर नैकिन, ग्राम पंचायत ओबरहा तहसील गोपद बनास, ग्राम भोरो तहसील सिहावल और ग्राम चमराडोल तहसील मझौली शामिल हैं।
प्रशासन की योजना के अनुसार अकौरी में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, ओबरहा में विधायक रीती पाठक, भोरो में विधायक विश्वामित्र पाठक और चमराडोल में विधायक कुंवर सिंह टेकाम की मौजूदगी में हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का पंजीयन कराकर वितरित किया जाएगा सभी एसडीएम, तहसीलदार और पंजीयन अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर शिविर की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पात्र हितग्राहियों की सूची का अंतिम सत्यापन कर उन्हें शिविर में बुलाने और दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है ताकि एक ही दिन में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
स्वामित्व योजना के तहत गांव की आबादी भूमि की ड्रोन सर्वे से मैपिंग की गई है। इससे प्रत्येक परिवार के भूखंड का नक्शा और अधिकार अभिलेख तैयार हुआ है। अब तक ग्रामीणों के पास आबादी जमीन का कोई कानूनी प्रमाण नहीं था।
स्वामित्व योजना ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज सौंपना समृद्धि का प्रतीक है। इससे ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का अधिकार मिलने के साथ बैंक ऋण की सुविधा भी मिलेगी।
विकास मिश्रा, कलेक्टर
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