
नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा/सीधी। थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र की छुहिया घाटी में उड़ीसा पुलिस दल पर हमला कर हिरासत से बंदी छुड़ा ले जाने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि पूरी साजिश गोपनीय बातचीत वाले जंगी माध्यम पर रची गई थी। पुलिस ने एक आरोपित को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार हैं।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि पकड़े गए आरोपित कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह बघेल निवासी चौखड़ा थाना जनेह जिला रीवा, वर्तमान निवासी प्रयागराज ने पूछताछ में बताया कि उसे शुरुआत में पूरी योजना की जानकारी नहीं थी।
घटना की रात बारह बजे संजय पटेल और संग्राम सिंह ने सुरक्षित जंगी माध्यम पर बात कर उसे योजना में शामिल किया। इसके बाद शहडोल में उसे पूरी साजिश समझाई गई और फिर छुहिया घाटी में नाकाबंदी कर वारदात की गई। पुलिस अब इस माध्यम के आंकड़े और पुलिस की गतिविधि लीक होने के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
पुलिस ने 37 से अधिक जवानों के दलों ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दबिश दी। आरोपित की निशानदेही पर टाटा हैरियर क्रमांक डीएल 3 सीसीआर 0538 और मुखबिर की सूचना पर लावारिस हालत में वाहन क्रमांक जीजे 34 डी 5455 बरामद किया गया।
एक सफेद हैरियर और एक ब्रेजा वाहन में सवार मुख्य आरोपित फरार हैं। पूछताछ में कुलदीप ओझा, संजय पटेल, सचिन पटेल, आशीष पटेल, संग्राम सिंह, राजा पटेल, पुन्नी, रवि सहित चार-पांच अन्य की पहचान हुई है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने अज्ञात आरोपितों पर दस-दस हजार का इनाम घोषित किया था। पहचान के बाद पुलिस महानिरीक्षक रीवा क्षेत्र गौरव राजपूत ने प्रत्येक फरार पर तीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
29 सितंबर को उड़ीसा पुलिस के आठ हथियारबंद जवान सर्किल जेल फुलवानी जिला कंधमाल से मादक पदार्थ मामले के बंदी आदित्य मिश्रा को विशेष न्यायालय रीवा में पेशी के लिए शासकीय वाहन से ला रहे थे। छुहिया पहाड़ की चढ़ाई पर आरोपितों ने पहले से योजना बनाकर अलग-अलग वाहनों से पुलिस वाहन को घेर लिया।
डंडे और बेसबॉल बल्ले से शीशे और बोनट तोड़े, जवानों से मारपीट की, गोली चलाई और वाहन के भीतर जहरीला छिड़काव कर दिया। इसी दौरान बंदी को जबरन उतारकर ले गए। सूचना मिलते ही रामपुर नैकिन और पिपरांव पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और चार जिलों सीधी, रीवा, मैहर और मऊगंज की अलग-अलग टोलियां बनाकर दबिश के निर्देश दिए।
पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत, उप महानिरीक्षक हेमंत चौहान, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, अनुविभागीय अधिकारी चुरहट रावेन्द्र द्विवेदी, थाना प्रभारी रामपुर नैकिन सुधांशु तिवारी, थाना प्रभारी जमोड़ी केदार परौहा, थाना प्रभारी सेमरिया विवेक द्विवेदी, चौकी प्रभारी पिपरांव शेषमणि मिश्रा और जिला तकनीकी शाखा की सराहनीय भूमिका रही है।
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