रीवा में स्वास्थ्य सुविधाओं से नाराज सांसद जनार्दन मिश्रा बोले- ये डॉक्टर नहीं दानव हैं, नोट छापने की मशीन बन गए हैं
रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा ने तीखा हमला बोला है। सांसद ने दो टूक कहा, मेरा वश चले तो मैं सभी डॉक्टरों का मेडिकल लाइसेंस निरस्त करवा दूं।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 04:53:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 05:00:05 PM (IST)
HighLights
- राज्य सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाना चाहिए
- स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
- चार घटनाओं के बाद फूटा सांसद मिश्रा का गुस्सा
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा ने तीखा हमला बोला है। डॉक्टरों की लापरवाही, निजी प्रैक्टिस और मरीजों के साथ हो रही अनियमितताओं से नाराज सांसद ने कहा कि डॉक्टर अब भगवान नहीं रहे, नोट छापने की मशीन बन गए हैं।
सांसद ने दो टूक कहा, "मेरा वश चले तो मैं सभी डॉक्टरों का मेडिकल लाइसेंस निरस्त करवा दूं। इनका इलाज करने का अधिकार ही खत्म कर देना चाहिए। ये चिकित्सक नहीं हैं। ये नोट छापकर कोठी बना रहे हैं। जनता अब इन्हें भगवान नहीं, दानव के रूप में देखती है।
राज्य सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाना चाहिए
नईदुनिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करें, लेकिन सरकारी अस्पताल में अपनी जिम्मेदारी भी निभाएं। जो डॉक्टर सरकारी ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं, उन्हें नौकरी से हटाना चाहिए और उनकी प्रैक्टिस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा यह उनकी व्यक्तिगत राय है और राज्य सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
गौर करने वाली बात है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला खुद रीवा से विधायक हैं। ऐसे में उन्हीं की पार्टी के सांसद का यह बयान सीधे स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
चार घटनाओं के बाद फूटा सांसद का गुस्सा
सांसद का यह बयान रीवा में पिछले कुछ महीनों में हुई चार बड़ी घटनाओं के बाद आया है -
- जच्चा-बच्चा की मौत अगस्त 2026 में गांधी मेमोरियल अस्पताल में मनगवां की कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने दुर्व्यवहार और लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद दो डॉक्टर, दो नर्स सस्पेंड हुए और डीन व अधीक्षक को हटाया गया।
गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की मौत अक्टूबर 2025 में सतना से रेफर दीपा गुप्ता और उनके गर्भस्थ शिशु की संजय गांधी अस्पताल में मौत हो गई। आरोप था कि दो दिन तक इलाज नहीं किया गया।गलत ऑपरेशन से परेशान महिला ने लगाई आग
सितंबर 2026 में हुजूर की मिथिलेश सिंह ने एक डॉक्टर पर कंधे का गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। दर्द ठीक नहीं होने पर एम्स में पता चला कंधा बिगड़ गया है, इसके बाद महिला ने खुद को आग लगा ली।
20 मिनट में टीबी की 14 गोली अक्टूबर 2026 में खुटेही के 21 साल के अक्षत शुक्ला की मौत हो गई। पिता सुभाष शुक्ला का आरोप है कि संजीवनी अस्पताल में 20 मिनट में टीबी की 14 गोलियां दे दीं, जबकि कुछ घंटे पहले की रिपोर्ट में टीबी था ही नहीं। हालत बिगड़ने पर प्रार्थना अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस जांच कर रही है। यह भी पढ़ें- फिर चर्चा में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, बिना दस्ताने टॉयलेट साफ करने का वीडियो वायरल