
नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। जिले से भ्रष्टाचार और धार्मिक संपत्तियों की हेराफेरी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। अवाम फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसीडेंट रफी कैसर खान उर्फ रॉक्सी और कब्रिस्तान बचाओ समिति ने जिले में वक्फ की जमीनों पर तकरीबन 40 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है।
रॉक्सी ने सीधे तौर पर जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष तोसीफ अहमद उर्फ रेसी, छोटी दरगाह कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और अब्बासी बंधुओं को इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार बताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा, जिला कलेक्टर समेत दिल्ली और भोपाल के शीर्ष मंत्रालयों तक विधिक साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन शिकायत भेजी गई है।
अवाम फाउंडेशन के प्रेसीडेंट रफी कैसर खान रॉक्सी के मुताबिक, रीवा शहर के बीचों-बीच अमाहिया स्थित बड़ी दरगाह में मुन्नू डेयरी के समीप स्थित खसरा नंबर 491 प्लॉट नंबर 3573/1 की तकरीबन 19 हजार 629 स्क्वायर फीट अति-कीमती जमीन को भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर खुर्द-बुर्द कर दिया।
बताया गया की मेन रोड से लगी इस धार्मिक वक्फ संपत्ति की अनुमानित वर्तमान कीमत 15,000 से 20,000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट आंकी जा रही है। शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार, राजस्व और नजूल विभाग के भ्रष्ट लोक सेवकों के साथ साठगांठ कर इस पवित्र वक्फ भूमि को पहले अवैध तरीके से नजूल में कन्वर्ट कराया गया और फर्जी नजूल लीज जारी कराई गई।
इसके बाद छोटी दरगाह कमेटी के अध्यक्ष अनस अब्बासी के एक रिश्तेदार सहित अन्य के नाम पर करोड़ों का एग्रीमेंट हुआ। और तो और उप-पंजीयक कार्यालय में नियमों को ताक पर रखकर तकरीबन 10 अधिक अवैध रजिस्ट्रियां करा दी गईं।
इस घोटाले की सबसे खास बात यह है कि खरीदारों में खुद जिला वक्फ बोर्ड कमेटी के अध्यक्ष शामिल हैं, जो वक्फ अधिनियम का खुला उल्लंघन है। वहीं, इन रजिस्ट्रियों में गवाह बनने वाले लोग भी वक्फ कमेटी के वर्तमान और छोटी दरगाह कमेटी के पूर्व पदाधिकारी हैं।
फिलहाल इस महाघोटाले के विरूद्ध अवाम फाउंडेशन ने चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय स्तर पर ईओडब्ल्यू रीवा इकाई और जिला कलेक्टर को नामजद आवेदन देने के साथ ही इसकी डिजिटल प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव म.प्र. पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू भोपाल एवं सीएम हेल्पलाइन 181 मे की गई है।
शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 7 दिनों के भीतर भोपाल मुख्यालय से प्रकरण पंजीकृत कर कड़ी विधिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। शिकायतकर्ताओं मे रॉक्सी के साथ साथ जावेद खान, आकिल खान, इमरान खान, असलम खान ने साक्ष्यों के साथ यह गंभीर अंदेशा जताया है कि वक्फ की संपत्तियों को अवैध रूप से बेचकर कमाए गए करोड़ों रुपये के काले धन को खपाने के लिए रीवा के कुठुलिया वार्ड क्रमांक 45 में एक विशाल, बहुमंजिला अवैध बेनामी हवेली का निर्माण किया जा रहा है।
यह निर्माण बिना नगर निगम और टीएनसीपी की अनुमति के धड़ल्ले से चल रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसीडेंट रॉक्सी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जिन जमीनों का उपयोग समाज के बच्चों के लिए स्कूल, बीमारों के लिए अस्पताल या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए किया जाना था, उसे एक सोचे-समझे आपराधिक षड्यंत्र के तहत व्यक्तिगत मुनाफे के लिए बेच दिया गया।
आवाम फाउंडेशन और समिति ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि शासकीय पद का दुरुपयोग करने वाले भ्रष्ट लोक सेवकों और भू-माफियाओं पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत तत्काल नामजद एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में सात जजों की नियुक्ति पर विवाद, हाई कोर्ट में सामाजिक प्रतिनिधित्व की हुई तीखी बहस