
नईदुनिया न्यूज, मऊगंज। महिला एवं बाल विकास विभाग की नईगढ़ी परियोजना में लापरवाही के मामलों को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना अधिकारी रविशंकर पांडेय द्वारा विभागीय कार्रवाई करते हुए तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और दो सहायिकाओं की सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए हैं।
संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध लगातार अनुपस्थित रहने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने तथा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना नईगढ़ी में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
विभागीय आदेशों के अनुसार, कार्रवाई की जद में तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और दो सहायिकाएं शामिल हैं।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भारती पटेल आंगनवाड़ी केंद्र जुड़मनिया रघुनाथ व सुशीला उपाध्याय आंगनवाड़ी केंद्र सुअरहा और आरती कारपेंटर आंगनवाड़ी केंद्र मैर मु. भटिगवां मे पदस्थ थीं। आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर आशा मिश्रा आंगनवाड़ी केंद्र छुहिया में और गीता मिश्रा शुक्ला आंगनवाड़ी केंद्र पहरखा-2 में पदस्थ थीं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को पहले भी कार्यप्रणाली में सुधार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अनुपस्थिति और कार्यों में लापरवाही की शिकायतों पर निरीक्षण किए गए तथा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
बार-बार निर्देश देने, निरीक्षण और विभागीय प्रक्रिया के बाद भी कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं होने के आधार पर पांचों कर्मचारियों के विरुद्ध संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए हैं।
इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने स्पष्ट किया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही और निर्धारित दायित्वों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को भी विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ मिलता है।
ऐसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति तथा केंद्रों का सुचारु संचालन बेहद जरूरी है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति से हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की गई है।
नईगढ़ी परियोजना में पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश जारी होने के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और नियमित निरीक्षण का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। विभागीय कार्रवाई से अन्य केंद्रों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की निगरानी को लेकर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
अब यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा कि संबंधित आंगनवाड़ी केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सेवाएं बाधित न हों।
कुल मिलाकर, नईगढ़ी महिला एवं बाल विकास परियोजना में पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई ने विभागीय कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है।
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