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उप मुख्यमंत्री बोले-नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दें

रीवा सहित पूरा विंध्य क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है। कृषि, उद्योग, व्यापार और अधोसंरचना के क्षेत्र में हो रहे विकास का लाभ युवा पीढ़ी को मिलना है। ऐ...और पढ़ें

By Shyam MishraEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 10:09:34 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 10:09:34 PM (IST)
उप मुख्यमंत्री बोले-नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दें
सर्किट हाउस के नवीन भवन सभागार में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान निर्देश देते उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल।

HighLights

  1. उत्पादकों और सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
  2. सर्किट हाउस में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा
  3. स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधि व आमजन भागीदारी बढ़ाएं

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ अब नशे की लत से पीड़ित लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समुचित उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस के नवीन भवन सभागार में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नशे के उत्पादकों और सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय कर नशे से पीड़ित लोगों का समुचित उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

सूची तैयार कर नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराएं

उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को नशे के शिकार लोगों की सूची तैयार कर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने के निर्देश दिए। रीवा सहित पूरा विंध्य क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है। कृषि, उद्योग, व्यापार और अधोसंरचना के क्षेत्र में हो रहे विकास का लाभ युवा पीढ़ी को मिलना है। ऐसे में यदि युवा नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आते हैं तो विकास के प्रयास प्रभावित होंगे।


एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई कर

उन्होंने कोरेक्स समेत अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई करने और उत्तर प्रदेश से समन्वय बनाकर सप्लायरों तक पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही नशामुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आमजन की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

18 महीने में 1615 आरोपी जेल भेजे

रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि पिछले 18 महीनों में संभाग में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1615 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस दौरान 5535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97,665 शीशी कोरेक्स, 4,13,310 नशीली टैबलेट-कैप्सूल और 450 अफीम के हरे पौधे जब्त किए गए।

कारोबार में इस्तेमाल वाहन भी जब्त

पुलिस ने 123.6 ग्राम हेरोइन, 206.54 ग्राम स्मैक, 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की। जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई है। नशीले पदार्थों के कारोबार में इस्तेमाल 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये है।

अवैध शराब के 11,998 मामले

आईजी ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ 11,998 प्रकरण दर्ज कर 12,199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 35,890 लीटर अवैध देशी और 22,807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये है।

इसी सप्ताह 50 लोगों का पुनर्वास

कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि नशे के शिकार 50 लोगों को इसी सप्ताह चिन्हित कर नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया जाएगा। कोरेक्स की लत से पीड़ित लोगों के पुनर्वास में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

बैठक में नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह सहित पुलिस, सामाजिक न्याय विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर में रात के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक, यातायात व्यवस्था सुधारने और व्यस्त चौराहों से अवैध रूप से खड़े ठेलों को व्यवस्थित कराने के निर्देश भी दिए गए।

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