सागर में संदिग्ध DAP खाद की शिकायत पर हड़कंप; दो ठिकानों पर पड़ी रेड, लैब भेजे गए सैंपल
सागर जिले के पड़रिया और कुरुवा गांव में संदिग्ध खाद की बोरियां मिलने की सूचना पर राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की।
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 03:37:28 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 03:37:28 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटोHighLights
- दो स्थानों पर संदिग्ध डीएपी खाद मिलने की शिकायत
- नमूने प्रयोगशाला भेजे, प्रकरण पुलिस को सौंपा
- किसानों से बिल और पैकिंग जांचने की अपील
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर । राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम पड़रिया एवं ग्राम कुरुवा में संदिग्ध डीएपी खाद की बोरी मिलने पर कार्रवाई की है। टीम ने संबंधित स्थानों से खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे तथा पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रकरण पुलिस को भेजा।
प्राप्त शिकायत के अनुसार ग्राम पड़रिया निवासी सुरेंद्र सिंह ठाकुर के निवास पर नकली डीएपी खाद होने की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बोरियों की जांच की। प्रारंभिक जांच में खाद संदिग्ध पाई गई। इसके बाद डीएपी खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
इसी प्रकार ग्राम कुरुवा निवासी रोहित राय से डीएपी खाद खरीदने वाले कृषक बालमुकुंद दुबे निवासी ग्राम हिरनछिपा एवं कुछ अन्य किसानों ने कृषि विभाग में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी।
नकली होने की आशंका
शिकायतकर्ता किसानों ने खरीदी गई डीएपी खाद के नकली होने की आशंका जताई थी। शिकायत के आधार पर संयुक्त टीम ने पहुंचकर खाद के नमूने एकत्रित किए। प्रारंभिक जांच में खाद संदिग्ध प्रतीत हुई। मामले में पंचनामा तैयार कर किसानों के बयान दर्ज किए गए तथा नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
आगे की वैधानिक कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने के लिए प्रकरण पुलिस को भेजा गया है। इन दोनों स्थानों पर पाई गई डीएपी के स्रोत के बारे में गहन पूछताछ की गई।
टीम कर रही जांच
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार हेमराज मेहर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय, कृषि विस्तार अधिकारी प्रताप बागरी, उर्वरक निरीक्षक दीपेश मोगे तथा ग्राम पड़रिया के कोटवार सहित राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही।
कृषि विभाग के अफसरों ने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय उसकी पैकिंग, गुणवत्ता एवं बिल की जांच अवश्य करें। नकली खाद की आशंका होने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।