नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। जहरीले शराब का कहर एक सप्ताह बाद भी जारी है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक इस जहर ने दो और बीमारों की जान ले ली। इसके साथ अब तक हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 33 तक पहुंच गया है। इस बीच सामने आया है कि मुख्य आरोपियों में से एक चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत ने अपनी ग्राम पंचायत की रकम का गबन किया है।
जिला पंचायत ने नौराज पंचायत की कागजी सरपंच और चंदू राजपूत की बहू के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। इस बीच आरोपितों की संपत्तियों पर प्रशासन का बुल्डोजर एक्शन जारी है।
अवैध निर्माण पर एक्शन
शनिवार को जिला प्रशासन ने आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा के फोरलेन स्थित पाथवे रिसार्ट पर कार्रवाई करते हुए एनएचएआइ की सरकारी जमीन से करीब सात हजार वर्गफीट अतिक्रमण ढहा दिया। इसमें बाउंड्रीवाल, गेट और अन्य पक्के निर्माण शामिल थे।
सत्यम ढाबे की सीसी पार्किंग और शेड समेत किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। मौके पर संचालित ईवी चार्जिंग स्टेशन को सील कर दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर सत्यम ढाबे द्वारा बनाई गई करीब 4500 वर्गफीट सीसी पार्किंग को भी ध्वस्त कर दिया गया।
इसके अलावा ढाबे के सामने किए गए अतिक्रमण और 595 वर्गफीट में बनाए गए शेड को भी बुल्डोजर ने ढहा दिया। वहां लगे ईवी चार्जिंग स्टेशन को प्रशासन ने सील कर दिया। वहां मुनमुन ढाबे को भी सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
लाइसेंस किए निरस्त
इस बीच आरोपियों के नाम से बंडा क्षेत्र में जारी दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसमें मगरधा मदिरा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा, निवासी ग्राम रूसल्ला और बरेठी मदिरा दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर उर्फ मनीष लोधी का लाइसेंस शामिल है।
भाई की पत्नी सरपंच, नाम-काम चंदू का
बताया जा रहा है कि ततरवारा गांव नौराज पंचायत का हिस्सा है। आरक्षण में पंचायत का सरपंच पद महिला को गया तो शराब कारोबारी चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत ने छोटे भाई की पत्नी राजकुमारी राजपूत को सरपंच बनवा दिया। पूरा कामधाम चंदू ही देखता था। यहां तक कि ग्रामीण और अधिकारी भी उसे ही सरपंच कहते थे।
काम कराए बिना निकाले 7.49 लाख रुपये
शराब कांड में नाम आने के बाद प्रशासन की जांच में चंदू की पंचायत के खाते तक पहुंची। जांच में सामने आया कि 15वें वित्त आयोग और मनरेगा मद के तहत ततरवारा में प्राथमिक शाला के समीप तीन लाख 81 हजार रुपये की लागत से स्वच्छता परिसर बनना था। सरपंच ने एक लाख 91 हजार 67 रुपये निकाल लिए जबकि वहां कोई निर्माण हुआ ही नहीं था।
नौराज में पांच लाख 87 हजार की सीसी रोड को बिना बनाए रुपये निकाल लिए गए। स्टापडैम के नाम पर भी दो लाख 79 हजार 845 रुपये निकाले गए, जबकि स्टाप डैम बना ही नहीं। जिला पंचायत सीईओ ने नोटिस जारी कर 21 सितंबर तक जवाब मांगा है। इधर सरपंच पद से हटाने की प्रक्रिया की भी शुरू की है।
मरने वालों में पंचायत सचिव भी
इस बीच बंडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुडारी बुजुर्ग में पदस्थ पंचायत सचिव अजय लोधी (30) की बीएमसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। शासकीय कर्मचारी पिता की मौत के बाद अजय को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।
पिछले सप्ताह जहरीली शराब पीकर बीमार होने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। शुक्रवार को काकरत निवासी मुकेश सिंह लोधी (30) की मौत हो गई। उसकी हालत में सुधार के बाद वेंटिलेटर हटाया गया था, लेकिन फिर से स्थिति बिगड़ गई, वेंटिलेटर सपोर्ट देने के बाद भी उसकी मौत हो गई।