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नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मंगलवार सुबह राज्य जीएसटी विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के बंडा स्थित पैतृक घर और जबलपुर के ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। बंडा में डीएसपी रेखा प्रजापति के नेतृत्व में पहुंची 20 सदस्यीय टीम को तलाशी के दौरान 66 लाख 8 हजार 10 रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा सोना-चांदी, घरेलू सामान, प्लॉट और मकान से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। टीम बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है।
लोकायुक्त की टीम मंगलवार सुबह करीब छह बजे तीन गाड़ियों से बंडा के बरा चौराहा स्थित वार्ड क्रमांक-आठ पहुंची। टीम में डीएसपी के अलावा निरीक्षक, महिला अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल थे। आपात स्थिति के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस भी साथ रखी गई थी।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम ने मकान में तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों को घर में ही रहने के लिए कहा गया। अधिकारी के भोपाल स्थित ठिकानों पर भी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तलाशी में 66 लाख आठ हजार 10 रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा करीब छह लाख रुपये का सोना, दो लाख रुपये की चांदी और लगभग 10 लाख रुपये का घरेलू सामान मिला है। मकान की कीमत करीब 33 लाख रुपये बताई गई है। मंडी क्षेत्र में एक प्लाट सहित करीब 1,000 वर्गफीट के प्लाटों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एक प्लाट की रजिस्ट्री में सात लाख रुपये की राशि दर्ज होने की जानकारी है। टीम अन्य दस्तावेजों की जांच के साथ बैंक खातों का ब्योरा भी जुटा रही है।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार मनीष कुमार जैन की कुल आय एक करोड़ तीन लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई है, जबकि उनका कुल व्यय करीब तीन करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये बताया गया है। इस तरह आय और व्यय के बीच करीब दो करोड़ 74 लाख 52 हजार रुपये का अंतर सामने आया है। हालांकि, संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोतों का सत्यापन विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
मनीष जैन का परिवार मूल रूप से छतरपुर जिले के शाहगढ़ का रहने वाला है। उनके दादा जानकी प्रसाद शाहगढ़ में रहते थे। बाद में परिवार बंडा आकर बस गया और यहां दो मंजिला मकान बनाया। मनीष जैन के पिता कोमलचंद जैन के दो बेटे हैं। बड़े बेटे मनीष कुमार जैन जबलपुर में रहते हैं। उनकी पत्नी वहां अधिवक्ता हैं। छोटा बेटा राजेश जैन पहले जूते की दुकान चलाता था। करीब 10 साल पहले उसने बंडा में विद्यासागर मेडिकल स्टोर शुरू किया था। मेडिकल स्टोर से संबंधित जानकारी भी जांच के दायरे में होने की बात सामने आई है।
बंडा में सुबह-सुबह लोकायुक्त की टीम पहुंचने और बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी के बाद दिनभर लोगों के बीच चर्चा होती रही। टीम अलग-अलग दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद नकदी और अन्य संपत्तियों का अधिकारी की ज्ञात आय से क्या संबंध है।
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