नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। रिश्तों को शर्मसार करने और अवैध संबंधों की सनक में किसी भी हद तक गुजर जाने का एक ऐसा खौफनाक मामला सागर जिले के खुरई से सामने आया है, जिसे सुनकर इलाका दहल उठा है। खुरई पुलिस ने दो महीने पुराने बहुचर्चित नृत्यांगना ममता अहिरवार हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।
ममता की मौत किसी हादसे या बीमारी से नहीं हुई थी, बल्कि उसकी ही बेटी के प्रेमी ने बेहद बेरहमी से गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतारा था। कातिल ने राज छुपाने के लिए लाश को घर के ही डबल बेड के अंदर बंद कर दिया था।
करीला मेले से लौटे, और फिर शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है।
पार्टनर ही निकला कातिल: 45 वर्षीय मृतका ममता अहिरवार नाचने-गाने का काम करती थीं। वहीं, 32 वर्षीय आरोपी सुरेंद्र कुमार अहिरवार उनके प्रोग्राम्स की बुकिंग और ग्राहकों की डीलिंग संभालता था।
बेटी पर थी बुरी नजर: साथ काम करने के दौरान सुरेंद्र के ममता की बेटी से अवैध संबंध बन गए। 1 अप्रैल को दोनों करीला मेले में कार्यक्रम के लिए गए थे और 4 अप्रैल को खुरई लौटे। 5 अप्रैल की रात ममता को अपनी बेटी और सुरेंद्र के रिश्तों का सच पता चल गया।
जब ममता ने इसका कड़ा विरोध किया और सुरेंद्र को अपनी बेटी से दूर रहने की चेतावनी दी, तो दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्से में पागल सुरेंद्र ने ममता पर हमला कर दिया और उसका गला तब तक दबाए रखा जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं।
डबल बेड के बॉक्स में लाश, बाहर लगाया ताला और फरार
ममता की मौत के बाद सुरेंद्र ने शातिर अपराधियों की तरह सबूत मिटाने की साजिश रची। उसने ममता के शव को घसीटा और घर में रखे डबल बेड के बॉक्स (दीवान) के अंदर छिपा दिया। किसी को शक न हो, इसलिए उसने मकान के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटकाया और खुद फरार हो गया। उस वक्त ममता का बेटा और बेटी गंजबासौदा अपनी बड़ी बहन के घर गए हुए थे, जिससे आरोपी को भागने का पूरा वक्त मिल गया।
तेज दुर्गंध से खुला राज
कई दिनों तक जब मां का मोबाइल बंद आया, तो परेशान बच्चों ने 11 अप्रैल को खुरई देहात थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। जब बच्चे वापस घर लौटे तो बाहर ताला लगा था। पुलिस की मौजूदगी में जैसे ही ताला तोड़ा गया, पूरे घर में असहनीय बदबू फैली हुई थी।
जब पुलिस ने तलाशी ली, तो बेडरूम के दीवान को खोलते ही सबके होश उड़ गए। बॉक्स के अंदर ममता का सड़ा-गला शव पड़ा हुआ था, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे।
मोबाइल लोकेशन और कड़क पूछताछ से टूटा कातिल
वारदात के बाद पुलिस टीम गठित की गई घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों ने सुरेंद्र अहिरवार की भूमिका को संदिग्ध बना दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी और मृतका की बेटी के बीच संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद ममता लगातार इसका विरोध कर रही थी। इसी कारण दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।- संतोष सिंह दांगी, प्रभारी, देहात थाना