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मुरैना से आया था 'मौत का फार्मूला' : सागर में खुद शराब पीकर मरा मास्टरमाइंड, साथी हुआ अंधा; अब तक 36 मौतें

पुलिस के अनुसार दिनेश शिवहरे ने सागर पहुंचकर नकली शराब बनाने की योजना तैयार की और पहला टेस्ट करने के बाद उसकी मौत हो गई।

By Vishnu soniEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 10:10:28 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 10:10:28 PM (IST)
मुरैना से आया था 'मौत का फार्मूला' : सागर में खुद शराब पीकर मरा मास्टरमाइंड, साथी हुआ अंधा; अब तक 36 मौतें
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. मुरैना के फार्मूले से सागर में बनाई जा रही थी शराब
  2. शराब टेस्ट करने के बाद दिनेश शिवहरे की मौत हो गई
  3. अब तक 36 मौतें, 52 आरोपी; सहयोगी की आंखों की रोशनी गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में 36 लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब का फार्मूला मुरैना जिले से आया था।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि बंडा के तातरवारा गांव में मुरैना के जिस व्यक्ति ने नकली शराब बनाई उसका पहला टेस्ट उसी ने किया। तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। उसका एक सहयोगी अंधा हो गया।

उसके बाद भी जहरीली शराब फैक्ट्री के कर्ताधर्ताओं ने दुकानों तक पहुंच चुकी शराब को रुकवाने की कोई कोशिश नहीं की। नतीजतन, इस जहरीली शराब ने सागर में कहर ढहाया।

मुरैना से आया फार्मूला

सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने शनिवार को बताया कि आरोपित मुरैना के बानमोर थाना क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी निवासी दिनेश शिवहरे ही नकली शराब का फार्मूला लेकर आया था। उसने सागर में करणी सेना के संभाग अध्यक्ष बताए जा रहे चंद्रभान सिंह उर्फ चंदू राजपूत से संपर्क किया और बंडा क्षेत्र में नकली शराब बनाने की योजना बनाई।


मौत के बाद भी बेची नकली शराब

दिनेश और उसके सहयोगी देवेंद्र जाटव ने तीन सितंबर को नकली शराब बनाकर उसे टेस्ट किया। इसके बाद दोनों की तबीयत खराब हुई तो सागर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालत अधिक बिगड़ने पर भेद खुलने के डर से बाहर दिखाने के नाम पर दिनेश की छुट्टी करा ली और उसे मुरैना रवाना किया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।

साथी हो गया अंधा

आरोपितों ने शव दिनेश के घर पहुंचा दिया और घरवालों से कहा कि ह्दय गति रुक जाने के कारण उसकी मौत हो गई। इस बीच साथ शराब पीने वाले देवेंद्र जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।

अन्य आरोपितों को जानकारी लग गई थी कि दिनेश की मौत और देवेंद्र की आंखें जहरीली शराब से गई हैं, लेकिन तब तक जहरीली शराब दुकानों तक पहुंच चुकी थी।

आरोपितों से हुई पूछताछ से मिली कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस दिनेश के गांव भी पहुंची। घर वालों ने हार्ट अटैक से उसकी मौत होना बताया। अब तक इस मामले में आरोपितों की संख्या 52 तक पहुंच गई है।

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ग्वालियर में सामान जब्त, दिल्ली से भी जुड़े तार

पुलिस ने गिरोह से जुड़े आरोपितों की निशानदेही पर ग्वालियर से 11,050 खाली प्लास्टिक की बोतलें, शराब की बोतल बनाने वाली चार डाई मशीन, 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल, 900 तैयार बोतल और बोतल सील करने वाली मशीन जब्त की है।

शराब बनाने में इस्तेमाल औद्योगिक स्पिरिट दिल्ली से सागर भेजे जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।