नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। बंडा क्षेत्र में सागर गोल्ड नाम से नकली और अमानक शराब बनाकर लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में बेचा जाता था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े आरोपितों की निशानदेही पर ग्वालियर से 11 हजार 50 खाली प्लास्टिक की बोतलें, शराब की बोतल बनाने वाली चार डाई मशीन, 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल, 900 तैयार बोतल और बोतल सील करने वाली मशीन जब्त की है।
शराब बनाने में इस्तेमाल औद्योगिक स्पिरिट दिल्ली से सागर कोरियर व ट्रांसपोर्ट के जरिए अलग-अलग भेजा जाता था, जिससे किसी को संदेह न हो।
गिरफ्तार आरोपियों से मिला सुराग
एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि 6 सितंबर को बंडा क्षेत्र के कुछ गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की मौत के बाद बंडा और विनायका थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के नेटवर्क की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, आशीष साहू, चंदू राजा उर्फ चंद्रभान, शिवांजय राजपूत और रोहित पटेल समेत अन्य आरोपितों ने नकली शराब बनाने और उसे लाइसेंसी दुकानों के माध्यम से खपाई जाती थी।
बोतल, ढक्कन और पैकिंग का सामान पहुंचाया
एसपी ने बताया कि मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे और उसके साथियों ने बंडा क्षेत्र में नकली शराब बनाने के लिए खाली बोतल, ढक्कन, पैकिंग सामग्री और मशीनें पहुंचाईं। शराब बनाने में इस्तेमाल लिक्विड भी बाहर से मंगाया गया था। तैयार शराब को ततरवारा और आसपास के गांवों नौराज, गूगरा, छापरी और पाटन सहित अन्य क्षेत्रों में कमीशन पर बेचा जाता था।
दरअसल ललितपुर में नकली शराब का भंडाफोड़ होने के बाद रवि ने ही दिनेश से संपर्क कर नकली शराब के कारोबार को फिर से शुरू किया। इसके लिए दिनेश शिवहरे अपनी टीम को बंडा के ततरवारा में इकट्ठा कर नकली शराब बनाने में जुट गया।
शराब को बेचने के लिए उसने स्थानीय ठेकेदारों से संपर्क किया, जिससे उसकी बनाई नकली शराब पर पीने वाले और बेचने वाले स्थानीय लोग संदेह न करें। एसपी ने बताया कि नकली शराब को बनाने से लेकर उसकी पैकिंग सहित समस्त कार्य अलग-अलग चरण में अलग-अलग स्थान पर होता था, जिससे किसी को संदेह न हो।
ग्वालियर से मिलीं हजारों बोतलें
पुलिस टीम ने मुरैना पहुंचकर ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव और टिंकू जाटव को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद राजू सेंगर और पंकज राय की भूमिका सामने आई।
राजू सेंगर की निशानदेही पर ग्वालियर के जेवरा का पुरा, बहोड़ापुर से 11 हजार 50 खाली बोतलें, एक बाम्बे लिखी डाई, एक प्लेन डाई और 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल जब्त किए गए। पंकज राय की निशानदेही पर राय कालोनी, बहोड़ापुर स्थित फैक्टरी से 180 एमएल बोतल बनाने वाली दो डाई मशीनें जब्त की गईं।
दिल्ली से आया था औद्योगिक स्पिरिट
जांच में शराब बनाने वाले लिक्विड के परिवहन की कड़ी दिल्ली से जुड़ी मिली। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और लाजिस्टिक कंपनी से जानकारी जुटाई। इसके बाद आरएन केमिकल फर्म के संचालक अनुपम गिरी निवासी कराला, नई दिल्ली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार उसने पांच प्लास्टिक ड्रम औद्योगिक स्पिरिट दिल्ली से सागर ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजना स्वीकार किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में इस नेटवर्क के पूर्व में अन्य जिलों में भी अवैध शराब निर्माण में शामिल होने की जानकारी मिली है।
52 आरोपित, 37 गिरफ्तार
सागर पुलिस के अनुसार अब तक मामले में 52 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिनमें से 37 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरोह मोटा मुनाफा कमाने के लिए उपलब्ध नशीले तरल पदार्थों से नकली अमानक शराब तैयार करता था और ऐसे स्थानों का चयन करता था, जहां बाहरी लोगों की गतिविधियों पर आसानी से नजर न पड़े।
पुलिस के अनुसार बारदाना सप्लाई करने वाला बंटी शर्मा पूर्व में भी दो जिलों में अवैध शराब फैक्टरी संचालित करने के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ मुरैना और ग्वालियर समेत अलग-अलग थानों में आबकारी और आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपित
ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिन्कू उर्फ सुरेंद्र जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव, राजू सेंगर, पंकज राय, आरएन केमिकल के संचालक अनुपम गिरी और रोहित पटेल को इस कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा चंदू उर्फ चंद्रभान राजपूत सहित अन्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।