सागर में जहरीली शराब से जान गंवाने वालों के परिवारों से मिला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, जिले में सभी शराब एजेंटों की सूची बनाकर सख्त कार्रवाई करे पुलिस
सागर जिले में जहरीली शराब कांड के पीड़ितों के परिवारों से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक टीम ने मुलाकात की और पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करन...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 07:10:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 07:10:28 PM (IST)
HighLights
- परिवारों का आरोप, पुलिस ने नहीं लिए अभी तक बयान
- सरकारी मंजूरी वाली दुकानों से खरीदी गई थी शराब
- मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत राजपूत अभी भी फरार
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब त्रासदी के पीड़ितों के परिवारों से मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की एक टीम ने मुलाकात की और पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि टीम ने पुलिस से पीड़ितों के परिजनों के बयान तुरंत दर्ज करने को कहा, क्योंकि उनमें से कुछ ने दावा किया था कि ऐसा अभी तक नहीं किया गया है।
मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत राजपूत अभी भी फरार
बांदा तहसील में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने वालों में से कई लोगों का बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 आरोपियों में से 19 को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत राजपूत अभी भी फरार है। कानूनगो के नेतृत्व में आयोग की टीम ने जगतार और घुघर गांवों में परिवारों से मुलाकात की।
परिवारों का आरोप, पुलिस ने नहीं लिए बयान
कानूनगो ने कहा कि पीड़ितों के रिश्तेदारों ने उन्हें बताया कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने उनके बयान दर्ज नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।
हमने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे तुरंत उनके बयान दर्ज करें। परिवारों का आरोप है कि पुलिस ने न तो स्थानीय शराब आपूर्तिकर्ताओं के बयान लिए हैं और न ही कोई कार्रवाई की है।
सरकारी मंजूरी वाली दुकानों से खरीदी गई थी शराब
कानूनगो ने कहा कि उन्होंने पुलिस से जिले में सभी शराब एजेंटों की सूची बनाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि जिन शराब की वजह से मौतें हुईं, वे सरकारी मंजूरी वाली दुकानों से खरीदी गई थीं।
बता दें कि मध्य प्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने हाल ही में अस्पताल का दौरा किया था और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।