सागर में मक्का खरीदी में 76 लाख का फर्जीवाड़ा; कागजों में दर्शाई 343 टन खरीदी, एक गिरफ्तार
पुलिस ने गांधी वार्ड निवासी अतिशय पिता अवधेश जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। उसे 19 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है; मामले में चार लोग...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 03:54:19 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 03:54:19 PM (IST)
पुलिस ने गांधी वार्ड निवासी अतिशय पिता अवधेश जैन को रहली से गिरफ्तार किया है। नईदुनिया।HighLights
- फर्जी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर 343 मीट्रिक टन मक्का की खरीदी
- 17 किसानों के खातों में 76.31 लाख रुपये का भुगतान कराया गया
- पुलिस ने अतिशय जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर/ देवरीकला। मक्का खरीदी में फर्जी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर 343 मीट्रिक टन मक्का की खरीदी दर्शाई गई और इसके आधार पर 17 किसानों के खातों में 76 लाख 31 हजार 750 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। बाद में जब एनसीसीएफ ने भौतिक सत्यापन कराया तो जिस वेयरहाउस में मक्का का भंडारण बताया गया था, वह मौके पर मिला ही नहीं।
अब इस मामले में पुलिस ने गांधी वार्ड निवासी अतिशय पिता अवधेश जैन को रहली से गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे 19 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
ये है मामला
मामला वर्ष 2025 में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी से जुड़ा है। केंद्र सरकार की उत्पादन योजना के तहत मध्यप्रदेश में मक्का खरीदी के लिए एनसीसीएफ के दिल्ली मुख्यालय ने एकता कंपनी को पोर्टल और खरीदी पार्टनर नियुक्त किया था।
एकता कंपनी ने फूड गार्ड फार्मर प्रोसेसिंग कंपनी लिमिटेड एफपीओ का मक्का खरीदी के लिए पंजीयन किया था। एफपीओ के डायरेक्टर मनीष पटेल ने अतिशय जैन को खरीदी के लिए नियुक्त किया था।
एनसीसीएफ की टीम ने जब खरीदी और भंडारण का भौतिक सत्यापन किया तो एग्रीमेंट के मुताबिक शाडिल्य वेयरहाउस मौके पर नहीं मिला।
जांच में हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि अतिशय जैन द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज मनीष पटेल के मोबाइल से अपलोड किए गए थे। इसके लिए लॉगिन और ओटीपी उपलब्ध कराए गए थे।
पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अतिशय को रिमांड पर लेकर अब यह पता किया जा रहा है कि दस्तावेज कैसे तैयार हुए, मक्का की खरीदी और भंडारण की वास्तविक स्थिति क्या थी तथा किसानों के खातों में भुगतान किस आधार पर कराया गया।