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सागर में निगमायुक्त ने लाल रंग से लिखवाया, इस कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं, इसलिए इसका उपयोग न करें

MP News: सागर में नगर निगम आयुक्त ने नगर निगम, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, सीवर प्रोजेक्ट एवं एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोताें की जांच की...और पढ़ें

By Sanjay PandeyEdited By: manoj dubey
Publish Date: Mon, 05 Jan 2026 10:06:57 AM (IST)Updated Date: Mon, 05 Jan 2026 10:06:56 AM (IST)
सागर में निगमायुक्त ने लाल रंग से लिखवाया, इस कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं, इसलिए इसका उपयोग न करें
सागर में निगमायुक्त ने लाल रंग से लिखवाया, इस कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं।

HighLights

  1. पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई
  2. ड़ी मात्रा में अम्लीय गंदे पानी की मात्रा पाई गई
  3. कहा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने नगर निगम, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, सीवर प्रोजेक्ट एवं एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोताें की जांच की। इस दौरान उन्होंने जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचकर समक्ष में पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई। इसमें बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदे पानी की मात्रा पाई गई।

गौरतलब है कि जवाहर वार्ड में इन कुओं व हैंडपंप का बहुत से लोग उपयोग करते हैं। निगमायुक्त ने तत्काल लाल रंग से नागरिकों की जानकारी के लिए लिखवाया कि इस कुएं एवं हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं है। इसलिए कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग न करें।


अधिकारियों को दिए निर्देश

निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस कुएं एवं हैंडपंप के पानी की गुणवत्ता सही न हो उस कुएं पर लाल रंग से लिखवाएं। निगमायुक्त ने कहा कि जब तक कुओं एवं हैंडपंप के पानी की वैज्ञानिक तरीके से टेस्टिंग नहीं हो जाती, तब तक कुओं के पानी को पीने योग्य न माना जाए।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, अतः किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा राजघाट जलप्रदाय योजना के अंतर्गत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

इस जल की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जा रही है और मानक अनुरूप पाए जाने के उपरांत ही इसकी आपूर्ति की जा रही है। निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे कुओं एवं हैंडपंप के पानी का उपयोग तब तक पेयजल के रूप में न करें जब तक उसकी गुणवत्ता जांच पूर्ण न हो जाए।

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गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट का इंतजार

उन्होंने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया कि वे राजघाट जलप्रदाय योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए जा रहे शुद्ध जल का ही उपयोग पेयजल के रूप में करें। नगर निगम द्वारा सभी कुओं के पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।