सागर (ब्यूरो)। बहुजन समाज पार्टी ने आरक्षण और किसानों के समर्थन में शुक्रवार को भगवानगंज के आम्बेडकर चौराहे पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुमरत सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश ने संबोधित किया। प्रदेश प्रभारी सुमरत सिंह ने कहा कि प्रदेश में 52 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। किसानों को हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए बुदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को फसल बीमा और प्रति एकड़ 25 हजार रुपए किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि शिवराज सरकार ने प्रदेश में भष्टाचार को बढ़ाया है। इससे प्रदेश की जनता त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश ने कहा कि डॉ अम्बेडकर द्वारा बनाई हुई आरक्षण नीति के माध्यम से ही लोगों का विकास हुआ है। यह भाजपा सरकार इस आरक्षण नीति को खत्म करना चाहती है। किसान प्रदेश की भाजपा सरकार से तंग आ चुका है। किसानों की बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं इस बात का प्रमाण है।

कार्यक्रम को रीवा जोन प्रभारी अमर सिंह पटैल, वरिष्ठ नेता मनोज रजक ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा के जिलाध्यक्ष मनोज अहिरवार ने की। धरना प्रदर्शन में मूरत सिंह यादव, राजू चौधरी, घनश्याम बाबू, लटकनप्रसाद अहिरवार, फाजिल मोमिन, पिंकी चौधरी, आयुब मकरानी, अमरलाल ख्यानी, शेख सिंकदर, सल्लू भाई, मुन्नाा ठेकेदार, शिवकुमार घोषी सहित आसपास के इलाकों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

ये हैं प्रमुख मांगें -

- प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इस आधार पर 52 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए।

- बुदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को फसल बीमा और 25 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

- जिलें में भूमिहीन आदिवासी, गरीब, दलित पिछड़े परिवारों को पांच एकड़ कृषि भूमि के पट्टे कब्जे सहित दिलाए जाएं।

- शहर से एस्सेल बिजली कंपनी का ठेका निरस्त किया जाए।

- प्रदेश में शासकीय विभागों में खाली पड़े हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के आरक्षित पदों को भरा जाए।

- अनुसूचित जाति, जनजाति के कर्मचारी वर्ग को पदोन्नाति में आरक्षण दिया जाए।

- व्यापम घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए।

- छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

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