
Sagar News सागर। मध्यप्रदेश सरकारी संयुक्त मोर्चा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर जिलेभर की राशन दुकानों में ताले पड़े हैं। इससे किसानों को मिलने वाली यूरिया खाद और कृषि ऋण अधर में आ गए हैं। वहीं दूसरी ओर गेहूं-चावल के लिए आम उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन जैसा पर्व बीत गया लेकिन इन गरीबों को अगस्त का राशन नहीं मिला। अब सितंबर का एक सप्ताह बीतने वाला है, लेकिन यह जरूरतमंद आज भी राशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक सागर जिले में 68 हजार 939 राशन उपभोक्ता हैं। वहीं राशन दुकानों की संख्या करीब 950 है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र की 600 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समिति द्वारा किया जाता है। वहीं शहरी क्षेत्र की 350 दुकानें उपभोक्ता भंडार के माध्यम से चलाई जाती हैं। सहाकरी समिति कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से ग्रामीाण क्षेत्र की 600 राशन दुकानों में ताले पड़े हैं। इन दुकानों को 22 दिन से खोला नहीं गया।
अगस्त महीने में केवल 55 फीसद उपभोक्ताओं को राशन मिला था। इसके बाद से हड़ताल शुरू हुई तो राशन मिलना ही बंद हो गया। नरयावली क्षेत्र के एक दिव्यांग हितग्राही का कहना है कि वह कई बार राशन दुकान गए, लेकिन हर बार ताला ही लगा मिला। पूछने पर पता चला कि अभी हड़ताल ही चल रही है। पहले रक्षाबंधन बीता वहीं सितंबर महीने में कृष्ण जन्माष्टमी आ गई, लेकिन अभी तक राशन नहीं मिला। इस महीना कैसे काम चलेगा मुश्किल लग रहा हैं रुपयों की परेशानी है। राशन बाजार से खरीदे तो महंगा मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक अवकाश के दिन छोड़कर बाकी दिन सहकारी राशन दुकान खोलने का नियम है, लेकिन पिछले 22 दिन से मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश स्तर पर अपनी तीन मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर रखी है। हड़ताल पर बैठे समिति के प्रांत अध्यक्ष अरविंद तिवारी का कहना है कि कैडर भर्ती, वेतनमान और तीसरे कोरोना काल में रजिस्टर में बांटा गया अनाज मशीन में दर्ज करने की मांग को लेकर शासन से आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
गरीब जनता को अनाज के लिए और किसानों को खाद-यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। तिवारी ने कहा कि हमारा भी परिवार है। छह से सात हजार में परिवार नहीं चलता। हम सभी कर्मचारी मांगें पूरी न होने तक सभी हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति संयुक्त मोर्चा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर प्रदेश भर के लगभग 55 हजार कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
खाद नहीं मिल रहा
वहीं केरबाना गांव के किसान अमर सिंह का कहना है कि हड़ताल के चलते सहकारी समिति से खाद नहीं मिला। इसे बाजार से महंगे दाम पर खरीदना पड़ा। नरयावली, खाकरोन के लोगों का कहना है कि अगस्त महीने का आवंटन आधे लोगों को भी हो पाया था। आधे लोग अपनी पात्रता पर्ची लेकर राशन के लिए भटक रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो सितंबर का राशन भी नहीं मिलेगा।
यह सही है कि सहकारी समिति के कर्मचारियों की हड़ताल से राशन वितरण व्यवस्था ठप हुई है। अगस्त महीने का ही 25 फीसद से अधिक आवंटन नहीं हुआ है। सितंबर का काम भी अभी शुरू नहीं हुआ। व्यवस्था बिगड़ने की जानकारी सहकारिता विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर दी है। यह हड़ताल जल्द से जल्द खत्म हों। यही उम्मीद करते हैं। -अनिल तंतवाय, जिला अपूर्ति अधिकारी, सागर