
Sagar News: सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जनपद पंचायत सागर ने सिविल लाइन में बने मार्केट के दुकानदारों को अनुबंध व शर्तों के विपरीत दुकानों में किए गए बदलाव को लेकर दूसरा नोटिस जारी किया है। करीब तीन महीने पहले भी दुकानदारों को नोटिस दिया गया था, जिसका कुछ दुकानदारों ने जवाब दिया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था। जनपद पंचायत सीईओ के माध्यम से कुछ दिन पहले दूसरा नोटिस भी दुकानदारों को दिया है, जिनका जवाब कुछ दुकानदारों ने दिया है। सभी जवाब मिलने के बाद जनपद पंचायत द्वारा गठित की गई टीम के बाद दुकानों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जहां दुकानों के स्वरूप में शर्तों व अनुबंध के विपरीत कार्य होने पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में जनपद पंचायत सागर की 80 दुकानें हैं। जहां यह मार्केट बना है, वह सागर का सबसे महंगा क्षेत्र है। यहां जनपद की दुकानों को कई लोगों ने दूसरे लोगों को किराये पर दे रखा है। वहीं कई दुकानों की दीवारों को तोड़कर उन्हें एक कर लिया है। दुकानों के बाहर पैदल चलने के लिए छोड़े गए गलियारे पर भी कब्जा करते हुए वहां तक दुकानों को फैला लिया है। इतना ही नहीं जनपद पंचायत के सामने पड़ी जमीन पर भी कब्जा कर सामान बेचा जा रहा है। इस सबसे के बाद जनपद पंचायत सदस्यों ने सामान्य प्रशासन की बैठक में मुद्दे उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इस पर पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगने पर सहमति बनी। एक नोटिस देने पर दुकानदारों ने जो जवाब दिए, उनमें कई दुकानदारों के संतोषजनक जवाब नहीं है। इसी के चलते दूसरा नोटिस दिया गया।
12 सौ से 3 हजार रुपये तक निर्धारित किया
जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत द्वारा शहर के पाश इलाकों में संचालित इन दुकानों का किराया 12 सौ से 3 हजार रुपये तक निर्धारित किया था। इन दुकानों से हर साल 12 साल से 14 लाख रुपये की आमदनी होती है। हर तीन साल में दस प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। शर्ते के विपरीत जनपद पंचायत की इन दुकानों से कई दुकानदारों ने छेड़ाछाड़ की है। कई दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने दो से तीन दुकानों को तोड़कर एक दुकान कर लिया है।
वर्ष 2016 में भी उठा था मुद्दा
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016 में भी तत्कालीन जनपद पंचायत अध्यक्ष छोटे सिंह की पहल पर तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ मंजू खरे ने जनपद पंचायत की इन दुकानदारों को नोटिस जारी किया था। जनपद की मूल दुकानों से छेड़छाड़ व किरायेदार द्वारा दुकानों को सिकमी पर दिए जाने की फाइल भोपाल तक पहुंची थी, लेकिन बाद में पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद जनपद पंचायत समिति के पुनः गठन के बाद यह मुद्दा उठा था।
दूसरा नोटिस जारी किया है
दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जा चुका है। कुछ दुकानदारों ने जवाब दिए थे, लेकिन वे संतोषजनक नहीं है। कुछ दिन पहले दूसरा नोटिस दिया है। सभी का जवाब आना है। जनपद पंचायत के शर्तें व अनुबंध का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी का जवाब आने के पश्चात प्रतिवेदन को एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नोटिस में मिले जवाब का भौतिक सत्यापन होगा। जिन दुकानदारों द्वारा शर्तों के विपरीत दुकान में बदलाव व या निर्माण किया है, उन पर सख्ती से कार्रवाई होगी।
मनीषा चतुर्वेदी, जनपद पंचायत सीईओ, सागर