
नईदुनिया प्रतिनिधि, प्रतापगढ़। मतांतरण के आरोपितों के चंगुल से छूटे मध्य प्रदेश के संतोष शुक्ला की देखरेख हिंदू संगठनों के लोग कर रहे हैं। इधर मंगलवार को उसके स्वजन जेठवारा पहुंच गए। उनको देखते ही युवक फफक पड़ा। स्वजन ने पुलिस के साथ मिलकर युवक को घर ले जाने की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। संतोष के भांजे शुभम मिश्रा समेत दो लोग शाम को जेठवारा पहुंचे। युवक से मिले तो वह फफक पड़ा। उसे ढांढस बंधाकर शांत किया।
मध्य प्रदेश के सागर जनपद के पथरिया हाट गांव निवासी 40 वर्षीय संतोष शुक्ला पुत्र भगवान दास छत्तीसगढ़ में ढाबे पर काम करता था। वहां पर 10 साल पहले कुटिलिया साड़देई डेरवा प्रतापगढ़ के बदरुल जमां पुत्र रफीउज्जमा, कल्लू व नईम पुत्र मुनीर तथा निजाम जैनुद्दीन से उसकी मुलाकात हुई। उसको सहारा देने के नाम पर झांसा देकर गांव ले आए। यहां लाने पर आरोपितों ने संतोष को मुस्लिम बनाकर उसका नाम शेर खान करवा दिया। इस केस में पांच नामजद व छह अज्ञात पर केस दर्ज है। एक आरोपित बदरुल जमां पुत्र रफीउज्जमा को पकड़ा जा चुका है।
इधर संतोष के स्वजन के आ जाने पर हिंदू संगठनों के लोगों से मिले। इसके बाद सब लोग थाने पहुंचे। वहां पर पुलिस स्वजन व संतोष से बात करेगी। युवक को उसकी सहमति से स्वजन संग भेजेगी। युवक की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सतर्कता बनी है। एसओ जेठवारा विजयकांत सत्यार्थी का कहना है कि युवक ठीक है। परिवार के लोग आए हैं। जैसी सहमति बनेगी, उसी तरह से कदम उठाया जाएगा।