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Sagar में पलायन की पीड़ा... शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र है अतिसंवेदनशील, पूरा इलाका है मुस्लिम बाहुल्य

MP News: सागर जिले में मुस्लिम बहुल शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है। यही कारण है ...और पढ़ें

By Vishnu soniEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 31 Oct 2025 10:06:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 31 Oct 2025 10:06:19 PM (IST)
Sagar में पलायन की पीड़ा... शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र है अतिसंवेदनशील, पूरा इलाका है मुस्लिम बाहुल्य
शनिचरी वॉर्ड की गली।

HighLights

  1. शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र को पुलिस मानती है अतिसंवेदनशील
  2. यह है 83 हजार की आबादी वाला मुस्लिम बाहुल्य इलाका
  3. रक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में मुस्लिम बहुल शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है। यही कारण है कि यहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया है। तीज, त्योहार या विशेष अवसरों में होने वाले आयोजन आदि में यहां पर पुलिस प्रशासन मार्च पास्ट के साथ ही अतिरिक्त बल की तैनाती की जाती है।

अपराध का गढ़ बना रहा है ये क्षेत्र

फिर भी पिछले पांच साल में यहां ढाई सौ से अधिक अपराध दर्ज हुए हैं। हर साल औसतन 50 से अधिक अपराध दर्ज होते हैं, जिसमें दोनों समुदाय के आपसी विवाद भी शामिल हैं। हालांकि ये आंकड़े तो महज रिकॉर्ड में हैं, लेकिन इनसे कहीं ज्यादा विवाद के मामले तो पुलिस तक या तो पहुंच ही नहीं पाते या फिर दबाव डालकर निपटा दिए जाते हैं। दबंगई और विवाद की स्थिति से ही यहां के अधिकांश हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर दूसरी जगह जाने को मजबूर हुए हैं।


ऐसा माहौल कि किरायेदार भी नहीं आते

शनिचरी-शुक्रवारी क्षेत्र में ही लाजपतपुरा वॉर्ड, परकोटा वॉर्ड का कुछ हिस्सा, कृष्णगंज वॉर्ड और तिलकगंज वर्ड का कुछ हिस्सा आता है। शुक्रवारी-शनिचरी वॉर्ड की कुल आबादी करीब 83 हजार है। यहां जनसंख्या के हिसाब से मुस्लिम आबादी हिंदुओं से ज्यादा है। ऐसे में, हिंदू परिवार असहज और सहमे हैं। किराये से मकान देने वाले एक हिंदू परिवार ने बताया कि शनिचरी-शुक्रवारी के माहौल के कारण ही उन्हें किरायेदार तक नहीं मिलते।

यह भी पढ़ें- लैंड जिहाद की ओर बढ़ता Jabalpur, मुस्लिम क्षेत्रों से हिन्दुओं का हो रहा पलायन, बेच रहे अपने घर और जमीन

डॉ. हरिसिंह गौर भी यहीं के थे

इतिहास की जानकारी रखने वाले सागर के डॉ. रजनीश जैन ने बताया कि शनिचरी और शुक्रवारी मूलत: उर्दू की शब्दावली से आए हैं। 1700 ईस्वी के समय मराठा काल में परकोटा के आसपास मुस्लिमों को बसाया गया था। इसी इलाके में बजरिया, मदार छल्ला इलाका भी है। हालांकि यहां पर हिंदू आबादी भी तभी से निवास कर रही है। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शिक्षाविद, समाज सुधारक, कवि और उपन्यासकार डॉ. हरीसिंह गौर का परिवार भी यही रहता था। यहां पर लंबरदार परिवार सहित कई नामचीन हस्तियों के मकान भी थे।