सागर: बीना के बारधा में शराब दुकान पर महिलाओं का धावा; ताला तोड़ा और बोतलें फोड़ीं, दुकान न हटाने पर फूटा गुस्सा
सरपंच का कहना है कि 15 अगस्त को भी उन्होंने पुलिस को दुकान से अवैध शराब बिक्री की शिकायत की थी। रविवार को महिलाएं प्रदर्शन कर रही थीं और वह बाद में कि...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 05:47:59 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 05:47:59 PM (IST)
बारधा में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का विरोध उग्र हुआ। नईदुनिया।HighLights
- बारधा में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का विरोध
- शराब की बोतलें फोड़ीं और सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया
- दुकान मैनेजर ने नकदी ले जाने का आरोप लगाया, पुलिस कर रही जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर/बीना। ग्राम बारधा में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध रविवार को उग्र हो गया। दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शराब दुकान पर पहुंच गए।
यहां पहले पत्थर से दुकान का ताला तोड़ा गया और इसके बाद अंदर घुसकर शराब की बोतलें फोड़ दी गईं। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही एसडीओपी अजय कुमार संकट, थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। लेकिन इससे पहले ही दुकान में तोड़फोड़ और बोतलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका था।
मैनेजर ने लगाए आरोप
दुकान के मैनेजर राहुल सेन ने बताया कि तोड़फोड़ में लाखों रुपये की शराब की बोतलें टूट गईं। उन्होंने दुकान से 40 से 45 हजार रुपये नकद ले जाने का आरोप भी लगाया है।
मैनेजर के अनुसार हंगामे के दौरान दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को भी बचने के लिए परेशानी हुई। राहुल सेन ने सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत पर रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि 15 अगस्त को सरपंच करीब सात घंटे तक दुकान पर बैठे रहे और पंचायत के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए मिठाई के नाम पर 40 हजार रुपये मांगे। इसमें 10 हजार रुपये दिए गए।
इसके करीब एक सप्ताह पहले दुकान चलाने के लिए एक लाख रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर दुकान बंद कराने तथा हंगामा करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
सरपंच ने आरोपों को बताया निराधार
सरपंच ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीण दुकान हटाने और अवैध शराब बिक्री के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। दुकान सड़क किनारे होने से दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है और कई लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को भी उन्होंने पुलिस को दुकान से अवैध शराब बिक्री की शिकायत की थी। रविवार को महिलाएं प्रदर्शन कर रही थीं और वह बाद में किसी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
पहले भी दे चुके थे ज्ञापन
ग्रामीण महिलाओं इमरती बाई अहिरवार, निशा कुशवाहा और विमला बाई अहिरवार ने बताया कि शराब दुकान खुलने के बाद से ही ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब पीकर घर में झगड़े होते हैं और इसका असर बच्चों पर भी पड़ रहा है।
दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रशासन को पहले ज्ञापन देकर अल्टीमेटम भी दिया गया था। ग्रामीणों के अनुसार अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने के बाद रविवार को विरोध उग्र हो गया।
सीसीटीवी फुटेज से करेंगे पहचान
दुकान में हुई तोड़फोड़ की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान के बाद संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।- अनूप यादव, थाना प्रभारी