
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। केंद्रीय जेल सतना में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा बंदी बुधवार को जेल की गौशाला से फरार हो गया। बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जेल प्रशासन ने उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर विभिन्न दिशाओं में रवाना की हैं। वहीं मामले में संबंधित कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
जेल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार फरार बंदी अच्छेलाल प्रजापति को सत्र प्रकरण क्रमांक 269/2013 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अपर सत्र न्यायाधीश अमरपाटन के न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2014 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह केंद्रीय जेल सतना में सजा भुगत रहा था।
प्रशासन के मुताबिक अच्छेलाल करीब 13 वर्ष 3 माह से जेल में निरुद्ध था। वर्ष 2021 से उसे अस्थायी मुक्ति अवकाश का लाभ मिल रहा था और वह अब तक 15 बार अस्थायी मुक्ति अवकाश पर जा चुका था। जेल मुख्यालय के आदेश के अनुसार वर्ष 2022 से उसे जेल से बाहर कमान के लिए गौशाला में भेजा जा रहा था।
बुधवार को करीब 11 से 12 बजे के बीच गौशाला कमान में तैनात प्रहरी को बंदी के मंदिर के पास बने शौचालय में जाने की जानकारी मिली। करीब 20 मिनट बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो आसपास तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
फरार होने की पुष्टि हुई और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। जेल प्रशासन ने बंदी के विरुद्ध थाना कोलगवां में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही फरार बंदी की तलाश के लिए टीमें रवाना की गई हैं। घटना में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें- जबलपुर के पंडाल में करंट से मौत के बाद प्रशासन सख्त, 24 घंटे वाॅलंटियर और कैमरे जरूरी, नए नियम भी मानने होंगे