गर्ल्स कॉलेज में ABVP का हल्ला बोल... 80 फीसदी का रिजल्ट खराब, गेट पर ताला जड़ किया सड़क जाम
शहर के प्रतिष्ठित गर्ल्स कॉलेज में मंगलवार सुबह शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की छात्राओं ने ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 02 Dec 2025 08:26:14 PM (IST)Updated Date: Tue, 02 Dec 2025 08:26:14 PM (IST)
गर्ल्स कॉलेज में ABVP का हल्ला बोलनईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। शहर के प्रतिष्ठित गर्ल्स कॉलेज में मंगलवार सुबह शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की छात्राओं ने प्रथम वर्ष की 80 फीसदी छात्राओं का रिजल्ट खराब आने, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और साफ-सफाई सहित कुल 6 मांगों को लेकर ईंट-कंक्रीट की दीवार के सामने नहीं, बल्कि कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन इतना उग्र रहा कि लौहद्वार पर लगे ताले ने पूरे कॉलेज को डेढ़ घंटे तक ‘कैदखाना’ बना दिया।
स्टेशन रोड जाम, सैकड़ों छात्राएं अंदर फंसीं
छात्राओं के अचानक सडक़ पर बैठ जाने से स्टेशन रोड से जिला अस्पताल तक जाने वाला मुख्य मार्ग ठप हो गया। कॉलेज परिसर में भी सैकड़ों छात्राएं डेढ़ घंटे तक अंदर ही फंसी रहीं। भीड़ बढऩे और माहौल तनावपूर्ण होते देख प्रशासन हरकत में आया। एबीवीपी छात्रा नेता आकांक्षा गौतम ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से 80 फीसदी छात्राओं का रिजल्ट खराब आया। आज तक इसकी जांच नहीं हुई। कॉलेज में असामाजिक तत्वों की आवाजाही आसान है, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं। वॉशरूम की सफाई न होने से छात्राओं को दुश्वारी झेलनी पड़ती है।
एसडीएम, सीएसपी और भारी पुलिस बल मौके पर
सूचना पर एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह, टीआई रावेंद्र द्विवेदी एवं महिला पुलिस बल मौके पर पहुँचे और स्थिति नियंत्रित करने में जुट गए। लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। ज्ञापन प्राचार्य को ही देंगे, किसी को नहीं। एसडीएम ने समझाया कि प्राचार्य अवकाश पर हैं, पर छात्राएं झुकने को तैयार नहीं थीं। करीब दो घंटे तक सडक़ पर ही प्रशासन और छात्राओं के बीच तनातनी चली।
पुलिस ने तोड़ा ताला, तब खुला गेट
मुख्य गेट पर लगे ताले की चाबी छात्र नेताओं ने देने से इंकार कर दिया। आखिरकार पुलिस को ताला तोडऩा पड़ा और फंसी हुई छात्राओं को बाहर निकालकर रास्ता बहाल करना पड़ा। अंतत: कॉलेज प्रबंधन तक मांगें पहुंचाने और जांच की अनुशंसा सहित प्रशासनिक आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन समाप्त किया।