चित्रकूट में फिर भारी बारिश का अलर्ट, खतरे के निशान पर पहुंची मंदाकिनी, जिला प्रशासन की तटीय क्षेत्रों पर नजर
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश का पानी मंदाकिनी में पहुंचने से अगले 24 से 48 घंटे चित्रकूट के लिए अहम माने जा रहे हैं। शुक्रवार-शनिवार की आधी रात तक ज...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 04:30:19 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 04:30:19 PM (IST)
रामघाट के पास बढ़ा नदी का जलस्तर व पिण्डा बांध का निरीक्षण करते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी। नईदुनियाHighLights
- 26 सितंबर दोपहर एक बजे रामघाट पर जलस्तर 126.60 मीटर दर्ज किया गया
- सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डोडा माफी बांध का भी स्थलीय निरीक्षण किया
- नदी तथा घाटों के समीप न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिले में चित्रकूट में मंदाकिनी फिर खतरे की घंटी बजा रही है। मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट के बीच लगातार हो रही बारिश ने नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा दिया है। पिछले 24 घंटे में जिले में करीब 22 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
शनिवार को मंदाकिनी का जल स्तर खतरे के निशान से 70 सेटीमीटर
शुक्रवार को रामघाट में मंदाकिनी का जलस्तर 126.500 मीटर के खतरे के निशान पर पहुंच गया। रातभर हुई बारिश के बाद शनिवार को मंदाकिनी का जल स्तर खतरे के निशान से 70 सेटीमीटर ऊपर पहुंच गया। हालात बिगड़ने की आशंका पर सुबह से जिला प्रशासन तटीय क्षेत्रों पर अपनी नजर बनाएं हुए है।
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आरोग्यधाम पुल के ऊपर से बह रहा पानी
शुक्रवार कि सुबह मंदाकिनी नदी का पानी आरोग्यधाम पुल के ऊपर से बहता नजर आया। स्थिति को देखते हुए आरोग्यधाम गेट पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया है।
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25 सितंबर सुबह छह बजे मंदाकिनी का जलस्तर 123.90 मीटर था
- बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सिंचाई प्रभाग प्रथम कर्वी के आंकड़ों के अनुसार 25 सितंबर सुबह छह बजे मंदाकिनी का जलस्तर 123.90 मीटर था। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी हुई।
- शाम छह बजे 125.35 मीटर, शाम सात बजे 125.80 मीटर, शाम 7.30 बजे 126.20 मीटर तथा रात आठ बजे 126.50 मीटर पहुंच गया। रात 12 बजे जलस्तर 127.20 मीटर दर्ज किया गया।
- 26 सितंबर सुबह 5.30 बजे से इसमें कमी शुरू हुई और सुबह 7.30 बजे यह 126.90 मीटर तथा दोपहर एक बजे 126.60 मीटर रह गया।
- सितंबर के पहले सप्ताह में भी मंदाकिनी ने बाढ़ के दौरान अपना रौद्र रूप दिखाया था। उस दौरान बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन बाढ़ ने नदी के आसपास की संवेदनशीलता उजागर कर दी थी।
- इसके बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू की थी। अब फिर मंडराते बाढ़ के खतरे ने उन तैयारियों और व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है।
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बहाव तेज होने के कारण आवाजाही और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी
रामघाट क्षेत्र में भी नदी का बहाव तेज होने के कारण आवाजाही और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों और श्रद्धालुओं से नदी तथा घाटों के समीप न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डोडा माफी बांध का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
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बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ के दौरान पानी की स्थिति गंभीर हुई थी
बताया गया कि पूर्व में इस बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद चित्रकूट में बाढ़ के दौरान पानी की स्थिति गंभीर हुई थी। इसी वजह से अतिवृष्टि के बीच बांध की स्थिति और जल निकासी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।फिलहाल मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, लेकिन सुबह से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
तटवर्ती क्षेत्रों की निगरानी
मंदाकिनी के जलस्तर में रात के बाद गिरावट आने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसडीएम चित्रकूट क्षेत्र में मौजूद रहकर नदी के तटीय इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए चित्रकूट जिले और सीमावर्ती मध्य प्रदेश क्षेत्र में बांधों, टैंकों और बांधियों की सुरक्षा तथा जल निकासी की स्थिति का लगातार जायजा लिया जा रहा है।
प्वाइंटस
- रामघाट में खतरे के निशान तक पहुंचा जलस्तर।
- पहाड़ों की बारिश का सीधा असर मंदाकिनी पर।
- अगले 24 से 48 घंटे संवेदनशील।
- सितंबर के पहले सप्ताह की बाढ़ की याद ताजा।
- एमपी-यूपी प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सवाल।
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