
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिला अस्पताल परिसर में मरीजों के उपचार के लिए स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के संवेदनशील ऑक्सीजन प्लांट परिसर के अंदर एम्बुलेंस की धुलाई किए जाने का मामला सामने आया है।
प्लांट जैसे संवेदनशील स्थान पर पानी, वाहन और धुलाई की गतिविधि संचालित होने से सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट के अंदर ही एम्बुलेंस को खड़ा कर उसकी धुलाई की जा रही है। जबकि अस्पताल में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए स्थापित प्लांट को सुरक्षित और नियंत्रित क्षेत्र के रूप में रखा जाना चाहिए। ऐसे में यहां गैर-जरूरी गतिविधियों का संचालन किसकी अनुमति से हो रहा है, यह जांच का विषय है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑक्सीजन प्लांट जैसे महत्वपूर्ण परिसर में वाहनों का प्रवेश और धुलाई की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? क्या इसके लिए अस्पताल प्रबंधन अथवा संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है? यदि अनुमति नहीं है तो लंबे समय से चल रही इस गतिविधि की निगरानी क्यों नहीं की गई?
ऑक्सीजन प्लांट अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी तकनीकी खराबी, दुर्घटना अथवा सुरक्षा संबंधी चूक का असर मरीजों को मिलने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में प्लांट परिसर में अनधिकृत अथवा असंबंधित गतिविधियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय होना जरूरी है।