सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

सतना के बिरला स्थित रामकृष्ण विवेकानंद मिशन स्कूल आश्रम एवं स्कूल के छात्रों के साथ शारीरिक शोषण और उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आश्रम के छात्रों ने आरोप लगाया है कि संस्था के मुख्य प्रबंधक ने उनके साथ न सिर्फ शारीरिक शोषण किया बल्कि शारीरिक उत्पीड़न भी किया है।

चाइल्ड लाइन में आई शिकायत पर कलेक्टर सतना ने मामले को संजीदगी से लेते हुए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर दी। टीम संस्था के स्कूल और आश्रम पहुंची और जांच शुरू कर छात्रों के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में आरोपित सहित 2 केयर टेकर और 11 बच्चों के भी अलग-अलग बयान दर्ज किए गए हैं। वहीं बुधवार को रामकृष्ण विवेकानंद मिशन स्कूल आश्रम एवं स्कूल के आरोपित प्रबंधक प्रसेनजीत राय अपने आपको पाकसाफ और बेगुनाह बताते हुए उल्टे शिकायतकर्ता छात्र को ही शारीरिक उत्पीड़न का दोषी बता रहे हैं। इस संवेदनशील मामले की जांच टीम के मुखिया सतना एसडीएम इस मामले को संवेदनशील बताते हुए जांच में आए बयानों का अभी खुलासा नहीं करते हुए जांच पूरी होने तक इंतजार करने कह रहे हैं। उनका कहना है कि जांच बयान हो चुके है, जांच में जैसे तथ्य आएंगे कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। जांच टीम में एसडीएम के अलावा, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, शासकीय चिकित्सक, काउंसलर समेत सात अधिकारी शामिल हैं।

देश की प्रमुख संस्था पर लगे शर्मशार करने वाले आरोप :

रामकृष्ण मिशन से जुड़ी भारत की ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थान और जिसमे विवेकानंद जी का नाम जुड़ा हो वहां छात्रों के साथ शारीरिक शोषण व उत्पीड़न होना शर्मसार करने वाली घटना है। मामले की सच्चाई व दोषी कौन है इसकी जांच शुरू कर दी गई है। सर्वप्रथम चाइल्ड लाइन में आई शिकायतों की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी। दरअसल यह संस्था देश भर में शिक्षण के लिए पहचानी जाती है जहां इस प्रकार की घटना लोगों को दुखी कर रही है।

यह लगे मुख्य प्रबंधक पर आरोप :

बच्चों ने मुख्य प्रबंधक पर आरोप लगाया है कि सर उनसे गलत काम करवाया करते थे। वे उनसे मसाज करवाते थे और साथ में सोने के लिए बोलते थे।आए दिन ऐसी हरकत से वे परेशान हो गए थे इसलिए शिकायत की।

आरोपित ने किया बचाव :

इस मामले में बुधवार को आरोपित मुख्य प्रबंधक प्रसोनजीत रॉय ने खुद का बचाव करते हुए बच्चों पर ही दोष मढ़ दिया। आरोपित का कहना है कि शिकायत करने वाले दो बच्चे आपस में ही शारीरिक जितने दिन बच्चे आश्रम में थे उतने दिन कोई शिकायत नहीं आई जब बच्चे को दंडित तक घर भेज दिया है तब ही शिकायत आ रही है। आरोपित का कहना है कि अगर उसने ऐसा कुछ किया होता तो वह बच्चे को घर क्यों भेजते। वहीं आरोपित ने अपने बचाव में कहा कि उसने जिस बच्चे ने शिकायत की है वह बच्चा खुद दूसरे बच्चों के साथ शारीरिक संबंध बनाता था जिसकी जानकारी दूसरे बच्चों ने उन्हें दी थी जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया और अब उल्टा मुझपर आरोप लगाया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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