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डिजिटल डेस्क, मध्य प्रदेश। श्री राम की पावन तपोभूमि के रूप में विख्यात चित्रकूट की पहचान अब एक नए रूप में उभरकर सामने आ रही है। किसी जमाने में यह धर्मनगरी दुर्दांत डकैतों और दस्यु गिरोहों के आतंक की गवाह बनी हुई थी, जहां के घने जंगलों में डकैतों का साम्राज्य चलता था। वर्ष 2018 के बाद शासन-प्रशासन द्वारा डकैतों के पूर्ण सफाए के साथ ही चित्रकूट के हालात पूरी तरह बदल गए। आज वही बीहड़ और जंगल फिल्म मेकर्स की पहली पसंद बन चुके हैं, जहां 'लाइट, कैमरा और एक्शन' की गूंज सुनाई दे रही है।
देशभर में भक्ति भाव जगा रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की 90 % शूटिंग चित्रकूट की मनोरम घाटियों, पावन धरा और आसपास के घने जंगलों में हुई है। इसकी हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक घाटियां अब बड़े पर्दे पर दर्शकों का मन मोह रही हैं।
चित्रकूट का शांत और सुरक्षित माहौल अब बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा को भी आकर्षित कर रहा है। गोस्वामी तुलसीदास जी के शुरुआती जीवन पर बन रही फिल्म ‘राम-बोला’ की शूटिंग भी जल्द ही चित्रकूट की वादियों में शुरू होने वाली है। इसके अलावा ‘जन-जन में राम’ सहित कई अन्य धार्मिक और सामाजिक फिल्मों के निर्माता भी शूटिंग के लिए चित्रकूट का रुख कर रहे हैं।
चित्रकूट में फिल्मों की शूटिंग से स्थानीय कलाकारों और बच्चों की किस्मत भी चमक रही है-
संघर्ष कर रहे स्थानीय कलाकारों के लिए अपने ही शहर में बड़े पर्दे तक पहुंचने का यह एक बेहतरीन और ऐतिहासिक अवसर साबित हो रहा है।
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