
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। धार्मिक कार्यक्रमों के बीच शास्त्री का खेलप्रेम भी सामने आया। केजेएस परिसर में उन्होंने मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के साथ क्रिकेट खेला। मैदान पर उतरने से पहले एसपी ने उनका आशीर्वाद लिया।
दोनों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी में हाथ आजमाए। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पहली ही बॉल पर छक्का लगाया, जबकि एसपी भी उनकी बॉलों पर चौके-छक्के लगाते नजर आए। यह दृश्य परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
मां शारदा की नगरी मैहर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का धार्मिक और सामाजिक संदेशों के साथ अलग अंदाज भी देखने को मिला। मैहर पहुंचे शास्त्री का केजेएस सीमेंट परिसर में भव्य स्वागत किया गया।
कंपनी के चेयरमैन पवन आलूवालिया ने उनकी अगवानी की। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। देर रात उन्होंने केजेएस आवासीय परिसर में नवनिर्मित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री स्पोर्ट्स एरीना का उद्घाटन भी किया।
मैहर प्रवास के दौरान शुक्रवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मां शारदा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मंदिर की धार्मिक महत्ता और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस दौरान प्रधान पुजारी पवन महाराज और सांसद गणेश सिंह की मौजूदगी में उन्होंने मंदिर की गुफा में नारियल के खोल से बने कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया।
केजेएस कॉलोनी में आयोजित सनातन संवाद में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अपने संबोधन में शास्त्री ने हिंदू एकता, सनातन धर्म की रक्षा और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात दोहराई। उन्होंने अगड़े-पिछड़े के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति पर चिंता जताई। कहा कि जातिगत विभाजन बढ़ने से देश में गृहयुद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।
उन्होंने जाति-पाति और छुआछूत से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता अपनाने की अपील की। इस संदर्भ में उन्होंने भक्ति परंपरा की पंक्ति ‘हरि को भजे सो हरि को होई, जात-पात पूछे नहीं कोई’ का उल्लेख किया।
राजनेताओं से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए कहा कि सनातन भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उनके अनुसार, सनातन मिटा तो भारत का अस्तित्व भी मिट जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। मैहर प्रवास में मंदिर दर्शन, क्रिकेट और सनातन संवाद प्रमुख आकर्षण रहे।
यह भी पढ़ें- नर्मदा महोत्सव 2026 : जबलपुर का प्राकृतिक सौंदर्य कैमरे में कैद करने वालों को मौका, आप भी ले सकेंगे भाग