
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना/मैहर। बांधवगढ़ से निकलकर 17 वर्षीय एक नर हाथी ई-5 अब जिस रास्ते से बाणसागर बांध तैरकर मैहर वनमंडल पहुंचा था। उसी मार्ग का अनुसरण करते हुए ई-5/सी4 अब संभवत: बांधवगढ़ में अपने पुराने ठिकाने कि ओर वापस लौट रहा है। बाणसागर डैम मे 5 KM तैरकर बांधवगढ़ से मैहर जिले मे आए जंगली हाथी 22 दिन बाद आखिरकार वापस पानी मे तैरकर चला बांधवगढ़ जंगल की ओर, वीडिओ सामने आया।
उल्लेखनीय है कि करीब 22 दिनों पूर्व करीब सात सितम्बर को मैहर वनमंडल की अमरपाटन रेंज में पहुंचे नर हाथी ई-5 कि निगरानी में वन अमला तैनात रहा और शहरी क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास में जुटा रहा। रविवार की रात करीब दस बजकर तीस मिनट के आस-पास को ई-5 गोरसरी पहाड़ी से उतरकर रामनगर के शहरी क्षेत्र में प्रवेश कर गया था।
इस बीच कई मर्तबा हाथी ई-5 नाराज होकर लोगों कि ओर बढ़ा, लेकिन वन विभाग कि टीम ने उसका ध्यान परिवर्तित कर दिया। इस दौरान कई मर्तबा लोगों ने भी हो हल्ला कर उसे भगाने में जुटे रहे और उसके पीछे दौड़ते रहे। ई-5 हाथी को देखने लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर उसकी तस्वीरें व वीडियो कैमरें में कैद करने जुट गए।
करीब तीन से चार घंटे गुजारने के बाद ई-5 बाण सागर बांध के किनारे जाकर आराम करने लगा और अभी भी वह आराम ही कर रहा है, जिसकी निगरानी में मैहर वनमंडल कि पूरी टीम समेत बीटीआर कि टीम भी जुटी हुई है।
23 सितंबर को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने गोरसरी पहाड़ी पर हाथी को रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन चलाया था। इसमें छह कुमकी हाथियों सहित करीब 150 लोगों की टीम शामिल थी। बारिश के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा था। रविवार को मौसम साफ होने के बाद हाथी पहाड़ी से उतरकर शहरी क्षेत्र की ओर पहुंच गया। वन विभाग की टीमें हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर ले जाने के प्रयास में जुटी रहीं।
बांधवगढ़ से रेस्क्यू करने आएं टीम व बीटीआर टीम के मुताबिक ई-5 इसके पूर्व भी बांधवगढ़ से निकलर शहडोल व अनूपपुर के जंगलों में स्वच्छंद विचरण करने लगा था, लेकिन फिर वह शहरी व आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगा और लोगों के घरों, खेतों समेत मवेशियों को भी नुकसान पहुंचाने लगा।
शुभरंजन सेन के मार्गदर्शन में रेस्क्यू करने का निर्णय लिया गया, लेकिन इस रेस्क्यू में हर जतन करने के बाद भी बीस से अधिक दिन लग गए थे और बाधवगढ़ में छोड़ा गया था, जिसके बाद यह दूसरी बार है कि ई-5 बांधवगढ़ छोड़कर इस बार काफी दूर मैहर वनमंडल तक पहुंचा।
हाथी की मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से गोरसरी क्षेत्र के 11 केवी रामनगर फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। वन विभाग की टीम ने लोगों को हाथी से दूरी बनाए रखने और उसे खदेड़ने से बचने की समझाइश दी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम कॉलर आईडी के जरिए हाथी की गतिविधियों और लोकेशन पर लगातार नजर रख रही है। लोकेशन मिलने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम और पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।
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