
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) रीवा ने सेवा सहकारी समिति अमकुई के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और खाद वितरण में कथित फर्जीवाड़े के दो मामले दर्ज किए हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार सत्यापन में आरोपी की वैध आय की तुलना में संपत्ति और व्यय 426 प्रतिशत अधिक पाया गया है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक जनवरी 2007 से सितंबर 2025 तक आरोपी की वैध आय 17.51 लाख रुपये रही, जबकि जांच में कुल 92.16 लाख रुपये की संपत्ति और व्यय सामने आया। इसमें 22.50 लाख रुपये के जमीन संबंधी दस्तावेज और 11.97 लाख रुपये के सोने के आभूषण शामिल हैं।

जांच में छह बैंक खाते, छह बीमा पॉलिसियां और हुंडई क्रेटा, विटारा ब्रेजा, महिंद्रा ट्रैक्टर, बुलेट व पैशन प्रो जैसे वाहनों के दस्तावेज भी मिले हैं। नागौद क्षेत्र में करीब 2200 वर्गफीट के मकान और पुत्र की दिल्ली में पढ़ाई पर हुए खर्च की भी जांच की जा रही है।
दूसरे मामले में ईओडब्ल्यू ने खाद वितरण में कूटरचना और कालाबाजारी का आरोप लगाया है। जांच के अनुसार निर्धारित 593 रुपये प्रति क्विंटल की जगह यूरिया 600 रुपये में बेचा गया। POS मशीन में दर्ज 194 किसानों में से 122 के नाम फर्जी पाए गए।
वास्तविक किसानों के परमिट और रसीदों में काट-छांट कर 10 से 20 बोरी यूरिया-डीएपी अतिरिक्त दर्ज कर ऋण समायोजन कराने और फर्जी स्टॉक रजिस्टर तैयार करने की बात सामने आई है। ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों की जांच शुरू कर दी है।