
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना/चित्रकूट। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन ने बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी रखा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी आपदा प्रबंधन टीमों तथा जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर स्वयं चित्रकूट में रहकर मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। चित्रकूट में सोमवार सुबह 6 बजे आरोग्य धाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़ने की स्थिति में था। नदी का अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर बताया गया है।
जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार नदी और आसपास के प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है। कलेक्टर ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पैदल पहुंचकर राहत गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने आसपास के गांवों और नगर परिषद क्षेत्र के दूरस्थ मोहल्ले लोसरिहा पहुंचकर लोगों से उनकी समस्याएं जानीं तथा भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। एसडीएम भी उनके साथ मौजूद रहे।
मंदाकिनी का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में सिल्ट और मिट्टी हटाने तथा साफ-सफाई का काम तेजी से चल रहा है। चित्रकूट मुख्य सड़क पर जमा सिल्ट हटाई जा रही है। शिवहरे धर्मशाला के पास ट्रैक्टर से मिट्टी हटाने का काम कराया गया। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें भी मैदान में लगी हैं।
प्रभावित लोगों को नगर परिषद के टैंकरों से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। नया गांव बाजार में भी पानी के टैंकर लगाए गए हैं। डोर-टू-डोर सर्वे कर प्रभावित लोगों को दवा और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा रही हैं।
जैतवारा के वार्ड-7 में बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन पैकेट वितरण शुरू किया गया है। अकौना ग्राम पंचायत में भी प्रभावित परिवारों के भोजन की व्यवस्था की गई है। कोठी राहत शिविर में भोजन वितरण जारी है। बिरसिंहपुर नगर परिषद क्षेत्र में भी स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है।
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अतिवृष्टि के कारण 31 अगस्त की समय-सीमा बैठक स्थगित कर दी गई। कलेक्टर के निर्देश पर सभी जिला अधिकारी, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर के अधिकारी फील्ड में रहकर संरचनाओं का निरीक्षण, बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकलने के बाद नुकसान का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।
रंगौली, जैतवारा के पारसदिया और रामपुर बघेलान सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्षति का आकलन किया जा रहा है। नगर निगम सतना की टीम भी जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियों की सफाई और पानी निकासी में जुटी है।
वार्ड-10 बर्दाडीह रेलवे फाटक के पास नाली की सफाई कर खाली प्लॉट से पानी निकाला जा रहा है। अधिकारियों को मौके की स्थिति और की गई कार्रवाई से लगातार कलेक्टर को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।