
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। शहर के स्टेशन रोड पर एक अनियंत्रित मिनी कंटेनर ट्रक ने जमकर तबाही मचाई। प्रेम नर्सिंग होम के पास बेकाबू हुए कंटेनर ने सड़क किनारे खड़े दो स्कूटी, एक स्पोर्ट्स बाइक और ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन आर्किटेक्ट आशीष जैन के कार्यालय में जा घुसा।
हादसे में ई-रिक्शा ड्राइवर उमेश दहिया (30) और कियोस्क सेंटर के बाहर खड़ी क्षमा पाठक (22) घायल हो गईं। दोनों को उपचार के लिए नजदीकी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। हादसे में वाहनों के साथ दुकान और कार्यालय का सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों व पुलिस के मुताबिक, मिनी कंटेनर चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कंटेनर सड़क किनारे खड़े वाहनों को टक्कर मारते हुए कार्यालय में जा घुसा।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा समेत अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा। दुकान का दरवाजा, बोर्ड और अन्य सामान भी टूट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, कंटेनर रीवा से कुरियर डाक लेकर सतना आया था। वाहन पर डीटीडीसी कुरियर सर्विस का नाम बताया जा रहा है। पुलिस ने कंटेनर क्रमांक सीजी 04 एमटी 0756 को जब्त कर लिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा ने बताया कि हादसे में तीन से चार बाइक सहित दुकानदार का दरवाजा और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हुआ है। चालक के पास वाहन के दस्तावेज नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। वाहन को जबलपुर की जय भोले कंपनी का बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
शहर के सर्किट हाउस चौक पर शाम के समय नो एंट्री में ट्रक के प्रवेश का मामला यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। भारी वाहन का शहर के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए नो एंट्री व्यवस्था लागू की जाती है, ताकि व्यस्त सड़कों पर जाम और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। ऐसे में प्रतिबंधित समय में ट्रक का प्रवेश कैसे हुआ, यह जांच का विषय है।
क्या वाहन को प्रवेश की अनुमति थी या नो एंट्री के नियमों की अनदेखी हुई, इसका जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। तस्वीर में पुलिस और यातायात कर्मियों की मौजूदगी के बीच ट्रक का खड़ा होना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।
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