
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। मां शारदा के प्रति आस्था और नवरात्र में नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प लेकर झांसी का एक परिवार अपने तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर पैदल चलकर मैहर पहुंचा।
बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा को पूरा करने में परिवार को छह दिन लगे। मंगलवार को मैहर के आल्हा तालाब पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने परिवार की परेशानी जानकर फल और खाद्य सामग्री देकर मदद की।
झांसी के बड़ा बाजार निवासी पवन कुशवाहा (26), उनकी पत्नी कामिनी कुशवाहा और तीन साल के बेटे अंश ने मां शारदा के दर्शन के लिए यह यात्रा शुरू की थी। पवन के मुताबिक, पति-पत्नी ने नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखने और मां शारदा के दर्शन करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे पैदल निकले।
पवन ने बताया कि यात्रा के लिए वह घर से करीब 1500 रुपये लेकर निकले थे। रास्ते में थकान होने पर परिवार सड़क किनारे आराम करने के लिए रुका। इसी दौरान रात में किसी ने उनके बैग से रुपये निकाल लिए। नकदी चोरी होने के बाद खाने-पीने की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया, लेकिन परिवार ने यात्रा जारी रखी।
पवन के अनुसार, वह और उनकी पत्नी सुबह से कुछ नहीं खाते और पानी पीकर रहते हैं। शाम को रास्ते में जहां फल मिल जाते हैं, उनसे फलाहार करते हैं। वहीं, तीन साल के बेटे अंश को बिस्किट और रास्ते में उपलब्ध खाद्य सामग्री दी जाती है। छोटे बच्चे के साथ इतनी लंबी दूरी तय करना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
छह दिन की पैदल यात्रा के बाद मैहर पहुंचे परिवार ने आल्हा तालाब में दर्शन किए। वहां मौजूद लोगों को जब उनकी यात्रा और आर्थिक परेशानी के बारे में पता चला, तो उन्होंने फल और अन्य खाद्य सामग्री देकर सहायता की। इसके बाद परिवार मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हुआ।
पवन ने बताया कि मां शारदा के दर्शन करने के बाद उनका परिवार वापस बागेश्वर धाम जाएगा। तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर मैहर पहुंचे इस परिवार की यात्रा नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प की कहानी बयां करती है।
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