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तीन साल के बेटे को लेकर मैहर पहुंचा झांसी का परिवार, 150 किमी पैदल चलने का बताया यह कारण

पवन के अनुसार, वह और उनकी पत्नी सुबह से कुछ नहीं खाते और पानी पीकर रहते हैं। शाम को रास्ते में जहां फल मिलते हैं, उनसे फलाहार करते हैं। तीन साल के बेट...और पढ़ें

By Mayank MishraEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:10:29 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:10:29 PM (IST)
तीन साल के बेटे को लेकर मैहर पहुंचा झांसी का परिवार, 150 किमी पैदल चलने का बताया यह कारण
अपने  बच्चे के साथ मैहर पहुंचे पति-पत्नी। नईदुनिया

HighLights

  1. यात्रा को पूरा करने में परिवार को छह दिन लगे
  2. नवरात्र में नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प
  3. बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा का समापन

नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। मां शारदा के प्रति आस्था और नवरात्र में नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प लेकर झांसी का एक परिवार अपने तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर पैदल चलकर मैहर पहुंचा।

फल और खाद्य सामग्री देकर मदद की

बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा को पूरा करने में परिवार को छह दिन लगे। मंगलवार को मैहर के आल्हा तालाब पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने परिवार की परेशानी जानकर फल और खाद्य सामग्री देकर मदद की।

संकल्प को पूरा करने के लिए वे पैदल निकले

झांसी के बड़ा बाजार निवासी पवन कुशवाहा (26), उनकी पत्नी कामिनी कुशवाहा और तीन साल के बेटे अंश ने मां शारदा के दर्शन के लिए यह यात्रा शुरू की थी। पवन के मुताबिक, पति-पत्नी ने नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखने और मां शारदा के दर्शन करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे पैदल निकले।

रास्ते में बैग से चोरी हो गए रुपये

पवन ने बताया कि यात्रा के लिए वह घर से करीब 1500 रुपये लेकर निकले थे। रास्ते में थकान होने पर परिवार सड़क किनारे आराम करने के लिए रुका। इसी दौरान रात में किसी ने उनके बैग से रुपये निकाल लिए। नकदी चोरी होने के बाद खाने-पीने की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया, लेकिन परिवार ने यात्रा जारी रखी।


सुबह पानी, शाम को फलाहार

पवन के अनुसार, वह और उनकी पत्नी सुबह से कुछ नहीं खाते और पानी पीकर रहते हैं। शाम को रास्ते में जहां फल मिल जाते हैं, उनसे फलाहार करते हैं। वहीं, तीन साल के बेटे अंश को बिस्किट और रास्ते में उपलब्ध खाद्य सामग्री दी जाती है। छोटे बच्चे के साथ इतनी लंबी दूरी तय करना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।

आल्हा तालाब में मिली मदद

छह दिन की पैदल यात्रा के बाद मैहर पहुंचे परिवार ने आल्हा तालाब में दर्शन किए। वहां मौजूद लोगों को जब उनकी यात्रा और आर्थिक परेशानी के बारे में पता चला, तो उन्होंने फल और अन्य खाद्य सामग्री देकर सहायता की। इसके बाद परिवार मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हुआ।

उनका परिवार वापस बागेश्वर धाम जाएगा

पवन ने बताया कि मां शारदा के दर्शन करने के बाद उनका परिवार वापस बागेश्वर धाम जाएगा। तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर मैहर पहुंचे इस परिवार की यात्रा नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प की कहानी बयां करती है।

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